अंबाला। छावनी के उपमंडल कार्यालय स्थित पटवारखाने का बुरा हाल है। पटवारखाने में पांच पटवारियों में से मंगलवार को दो पटवारी कोर्ट गए में थे, दो छुट्टी पर थे तो एक पटवारी पटवारखाने में बैठकर लोगों के काम निपटाता दिखा। अपने काम के लिए लोग इधर से उधर भटकते दिखे क्योंकि उनके क्षेत्र के पटवारी ही नहीं थे। यह लोग रजिस्टरी पर पटवारी के हस्ताक्षर कराने, विरासत के लिए इंतकाल आदि कायोर्यों के लिए भटकते दिखे।
गौरतलब है कि पटवारखाने में अतिरिक्त सर्कलों का भार पटवारियों के कंधों पर है। जिसकी दोहरी मार जनता पर पड़ रही है। तहसील में दस सर्कलों का भार महज छह पटवारी संभाल रहे हैं, जिसमें एक पटवारी को तो विजिलेंस ने हाल ही में गिरफ्तार किया है। इस कारण दो दिन के काम के लिए लोगों को दो महीने तक का इंतजार करना पड़ता है। संवाद
अंबाला छावनी में हैं दस सर्कल
मोहडा, ठरवा, खुड्डा कलां, पिलखनी, मंडौर, धन्यौडा, करधान, बब्याल, बाड़ा और पंजोखरा।
सर्कल में गांव और कॉलोनी
मोहडा सर्कल : गांव दुखेड़ी व फडौली।
खुड्डा कलां सर्कल : गांव खुड्डा खुर्द, सलारहेडी, रोलों, मुनरहेड़ी, मंगलई, खुड्डी।
पिलखनी : गांव सपेहड़ा , रतनहेड़ी, कपूरी, भीलपुरा, साहिबपुरा।
बब्याल सर्कल-: बोह
सर्कल करधान : गांव नग्गल, सरसेहडी, रामपुर, खोजकीपुर, बोहावा, ब्राहमण माजरा, नन्हेडा, घसीटपुर व धन्योडा।
सर्कल मंडौर : सुंदर नगर, आशा सिंह गार्डन, जग्गी काॅलोनी, खतौली, जनेतपुर, गरनाला, बरनाला, राज विहार काॅलोनी, टुंडला, टुंडली, डिफैंस काॅलाेनी, धनकौर, सुभाष नगर , गांधी नगर।
ठरवा सर्कल : बाबाहेडी, कोटकछुआ कलां, माजरी, मिर्जापुर, धुराली, रेगियां।
एक घंटे से कर रहे इंतजार
चंडीगढ़ निवासी मेजर सिंह ने बताया कि उसकी आंटी कांता नय्यर हिमाचल प्रदेश में रहती हैं और उनका एक प्लाॅट डिफैंस काॅलोनी में है। उस प्लाॅट की जमाबंदी दोबारा से चढ़वानी है। एक घंटे से पटवारी का इंतजार कर रहा हूं।
कमरे पर लगा ताला
रतनहेड़ी निवासी सतपाल ने बताया कि पटवारखाने में इंतकाल करवाने के लिए आया तो देखा कि पटवारी के कमरे पर ताला लगा है। एक घंटे से पटवारी का इंतजार कर रहा हूं। सोमवार को भी आया था लेकिन पटवारी नहीं मिले तो लौट गया।
12 बजे तक नहीं आए पटवारी
पिलखनी निवासी मेहर चंद ने बताया कि जमीन की तक्सीम के लिए सुबह दस बजे छावनी तहसील स्थित पटवार खाने में आया लेकिन पटवारी नहीं मिला और 12 बज चुके हैं। अभी इंतजार कर रहा हूं। पता नहीं पटवारी कब आएंगे।
हमारे में पास पांच पटवारी हैं, जिसमें से दो पटवारी छुट्टी पर हैं और दो पटवारी कोर्ट गए हुए हैं और एक पटवारी कार्यालय में है जो लोगों के काम निपटा रहा है।
-सुरेश कुमार, तहसीलदार, अंबाला छावनी।