अंबाला सिटी। बदलती जीवनशैली व मानसिक तनाव के कारण तेजी से बढ़ते रक्तचाप के मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें अस्पताल से बाहर निकलकर सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सेहत जांचेंगी।
यह विशेष अभियान 30 मई तक लगातार जारी रहेगा। इस अभियान के तहत विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें शहर के व्यस्ततम इलाकों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख सरकारी व निजी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कैंप लगाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है जो समय की कमी या लापरवाही के चलते अपनी नियमित जांच नहीं करवा पाते हैं।
फिजिशियन डॉ. मनोज मंगला ने कहना था कि अक्सर देखा जा रहा है कि जागरूकता के अभाव में लोगों को यह पता ही नहीं चल पाता कि वह रक्तचाप की बीमारी से ग्रसित हैं। इस वजह से मरीजों का ब्लड प्रेशर तेजी से कम या ज्यादा हो रहा है, जो बेहद खतरनाक है। लोग इसे सामान्य सिरदर्द या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि रक्तचाप को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है। लंबे समय तक ब्लड प्रेशर अनियंत्रित रहने के कारण मरीजों में दिल का दौरा, दिमाग की नस फटना, किडनी खराब होने जैसी गंभीर और घातक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। संवाद