अंबाला छावनी के रेल विहार स्थित ऑडिटोरियम में यूआरएमयू के त्रिवार्षिक अधिवेशन के दौरान मौजूद न
अंबाला। उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (यूआरएमयू ) के त्रिवार्षिक अधिवेशन के पहले ही दिन कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। अंबाला में आयोजित इस अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में यूनियन के महामंत्री बीसी शर्मा ने रेल प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की 15 ज्वलंत मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो देशव्यापी रेल बचाओ कर्मचारी बचाओ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए एनएफआईआर के अध्यक्ष गुमान सिंह ने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों को उजागर किया। इस महासम्मेलन में जम्मू, फिरोजपुर, दिल्ली, लखनऊ सहित कई मंडलों से हजारों रेल कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। बीसी शर्मा ने कहा कि रेल कर्मचारी का दिमाग तभी स्वस्थ रहेगा जब उसका बुढ़ापा सुरक्षित होगा। उन्होंने एनपीएस और यूपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। महामंत्री ने कोरोना काल में फ्रीज किए गए 30,000 पदों को सरेंडर करने के आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने और नई भर्ती शुरू करने की मांग उठाई। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग में 3.83 मल्टीप्लाई फैक्टर देने, फ्रीज डीए की 3 किस्तें जारी करने और ठेकेदारी प्रथा बंद करने की मांग की। संवाद