छावनी नागरिक अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का कमरा
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कोरोना का कहर बढ़ने के साथ-साथ दिन प्रतिदिन ऑक्सीजन की डिमांड भी बढ़ती जा रही है। इसका अंदाजा छावनी नागरिक अस्पताल में बने कोविड वार्ड में बढ़ रही ऑक्सीजन की खपत को देखकर लगाया जा सकता है। पहले करीब तीन सौ लीटर ऑक्सीजन पूरे अस्पताल में खपत होती थी।
वहीं, अब करीब 855 लीटर रोजाना ऑक्सीजन की खपत हो रही है। अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक की दूसरी और तीसरी मंजिल पर कोविड संक्रमितों के लिए 60 बेड की व्यवस्था की गई है। जिसमें से 45 बेड तक ऑक्सीजन प्लांट से सीधा पाइप लाइन के जरिए ही सप्लाई की जा रही है, जबकि बाकी मरीजों को सिलिंडरों के जरिए ऑक्सीजन दी जा रही है।
बता दें कि पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए बाकायदा 8 टन का प्लांट लगा हुआ है। जिसका ठेका दिल्ली की प्राइवेट कंपनी एमपीएस को दिया हुआ है। आईपीडी के बेसमेंट में लगे प्लांट में कर्मचारी ऑक्सीजन की सप्लाई को संभाल रहे हैं। उनकी माने तो प्लांट के लिए जो ऑक्सीजन का टैंकर बद्दी फैक्टरी से करीब दो माह में आता था वो अब 15 से 20 दिन में मंगवाना पड़ रहा है।
पाइप लाइन से सप्लाई में इस तरह बढ़ी खपत
16 अप्रैल - 418 लीटर
17 अप्रैल - 437 लीटर
18 अप्रैल - 720 लीटर
19 अप्रैल - 576 लीटर
20 अप्रैल - 655 लीटर
21 अप्रैल - 650 लीटर
22 अप्रैल - 855 लीटर
अस्पताल में 60 कोविड मरीजों को रखने की व्यवस्था है। 45 बेड पर पाइप लाइन से तो 15 पर सिलिंडरों से ऑक्सीजन दी जा रही है। ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है, लेकिन हमारे पास पुख्ता इंतजाम है।
- डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, अंबाला