संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल से गत्ते की आड़ में लोहे का स्क्रैप बेचने का मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुलदीप ने भी संज्ञान लेते हुए जांच करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि पता चल सके कि किसकी अनुमति से टूटी व्हीलचेयर सहित अन्य सामान अस्पताल से बाहर बेचने के लिए जा रहा था।
जबकि कैंट पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल की तरफ से भी जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जांच के दौरान स्क्रैप लोडिंग के समय मौजूद होने वाली सुपरवाइजर सहित अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी कि आखिर कैसे गत्ते व प्लास्टिक की आड़ में टूटी व्हीलचेयर, पंखे व सीलिंग लाइटें महिंद्रा पिकअप यानी कबाड़ी की गाड़ी में बेचने की नीयत लोड करवाई गई थी।
भूतल में पड़ा लाखों का स्क्रैप : मामला उजागर होने के बाद अस्पताल में सामान को जर्जर घोषित कर नीलामी करने वाली डॉक्टरों व स्टाफ की विशेष कमेटी भी नींद से जागी है। छह साल तक उनकी तरफ से सामान को जर्जर घोषित करने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई थी। लेकिन अब इस कमेटी की इंचार्ज डॉ. पूजा पेंटल ने जर्जर घोषित होने वाले सामान की सूची नर्सिंग ऑफिसर आदि स्टाफ से मांग ली है ताकि जर्जर सामान की सूची तैयार कर मुख्यालय में भेज नीलामी की अनुमति मांगी जा सके। 10 जनवरी को जो गत्ते की आड़ में स्क्रैप लोड करवाया जा रहा था वो भी अब तक कंडम घोषित नहीं किया गया है।