अंबाला सिटी। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एजेंडों को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। इसका अंदाजा आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है। इनमें सबसे अहम मोबाइल इस्तेमाल करने पर चालान के हैं।
इस तरह के मामलों के चालान बढ़ाने पर जोर दिया गया था। मगर अप्रैल माह में बीते वर्ष के मुकाबले सिर्फ दो चालान बढ़ाए हैं। बीते वर्ष अप्रैल में वाहन चलाते समय मोबाइल के इस्तेमाल पर 14 चालान किए थे। वहीं इस वर्ष अप्रैल माह में 16 चालान हुए हैं।
दूसरी बार होता है दोगुना चालान
वाहन चलाते समय अगर चालक मोबाइल का इस्तेमाल करता है तो उसे दो हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। दूसरी बार चालान कटने पर चार हजार रुपये जुर्माना होता है। अगर इसके बाद भी चालक मोबाइल चलाते हुए तीसरी बार पाया जाए तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किया जाता है।
इन चालानों में भी कुछ खास अंतर नहीं
मोबाइल के चालान के अलावा अन्य चालानों में भी कोई खास अंतर देखने को नहीं मिला है। इसमें बिना लाइसेंस के बीते वर्ष अप्रैल में 47 तो इस वर्ष अप्रैल माह में सिर्फ 48 चालान हुए हैं। वहीं, बिना कागजों के बीते वर्ष 39 चालान हुए थे। इस वर्ष 31 चालान किए गए हैं। भारी होर्न के चालान भी कुछ नहीं बढ़े हैं। बीते वर्ष अप्रैल माह में छह तो इस वर्ष अप्रैल माह में सिर्फ सात चालान हुए हैं। बिना सुरक्षा बेल्ट के बीते वर्ष 153 चालान थे तो वहीं इस वर्ष 172 चालान किए हैं।
ओवर स्पीड के बढ़े चालान
बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष ओवर स्पीड के चालान अधिक बढ़ गए हैं। बीते वर्ष अप्रैल माह में ओवर स्पीड के 421 चालान हुए थे। वहीं इस वर्ष ये चालान बढ़कर छह हजार 248 हो गए हैं। सभी चालान को देखें तो पुलिस विभाग ने 11 हजार 761 चालान करके 17 लाख 65 हजार 900 रुपये का जुर्माना वसूला है। वहीं, बीते वर्ष यह राशि 25 लाख 18 हजार 200 रुपये थी।
वर्जन
पुलिस की ओर से चालान बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं।
-जोगिंद्र सिंह, यातायात थाना प्रभारी अंबाला।