संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। वार्डबंदी की आपत्ति की सुनवाई के लिए कांग्रेस पार्षदों को रात में ही नोटिस दिए गए। नोटिस देकर 20 दिसंबर को सुनवाई के लिए बुलाया गया। कांग्रेस पार्षद अधिवक्ता मिथुन वर्मा ने बताया कि अधिकारियों पर भाजपा का कितना दबाव है, यह यहां से पता लगता है कि शुक्रवार रात उनको 7 बजकर 18 मिनट पर नगर निगम अंबाला की ओर से पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें उनको और कांग्रेस पार्षदों को आपत्तियों की सुनवाई के लिए 20 दिसंबर को बुलाया है। वर्मा ने कहा कि अगर अंबाला नगर निगम इतनी मुस्तैदी से दिन में भी काम कर ले तो अंबाला शहर की जनता कुछ हद तक सुखी हो जाए।
नगर निगम की वार्डबंदी पर कांग्रेस ने उठाए थे
नगर निगम चुनाव को लेकर की गई नई वार्डबंदी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। बीते वीरवार को कांग्रेस की ओर से वार्डबंदी को लेकर उपायुक्त अजय सिंह तोमर को आपत्तियां व सुझाव भी सौंपे गए थे। इस दौरान जिलाध्यक्ष अंबाला शहर पवन अग्रवाल डिंपी, पार्षद अधिवक्ता मिथुन वर्मा, राजविंद्र कौर, मेघा गोयल प्रतिनिधि इशू गोयल ने आपत्तियां सौंपी थी। कांग्रेस ने वार्ड बंदी को जनविरोधी, अव्यावहारिक एवं पक्षपातपूर्ण करार दिया था। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि जनता की सहूलियत और संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) को ध्यान में रखकर वार्ड परिसीमन में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो इस मुद्दे को जन आंदोलन एवं कानूनी स्तर पर भी मजबूती से उठाया जाएगा।