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Ambala News: अग्नि में तिल-गुड़ की दी आहुतियां, ढोल की थाप पर मनाया जश्न

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नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया - फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।
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- जिले में धूमधाम से मनाई गई लोहड़ी, घर-घर में आयोजित हुए कार्यक्रम
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संवाद न्यूज एजेंसी

अंबाला। जिले में लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। पवित्र अग्नि में तिल-गुड़ की आहुतियां देकर लोगों ने सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं लोहड़ी पर मंगलवार को बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। गजक, रेवड़ी और मूंगफली की दुकानों पर सुबह से लोगों की भीड़ लगी रही और ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। यह त्योहार न केवल फसलों की कटाई और मौसम परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि आपसी मिलन और खुशियां बांटने का भी बड़ा अवसर है। पवित्र अग्नि में तिल-गुड़ की आहुति देकर लोगों ने ईश्वर के प्रति आभार प्रकट किया। इस विशेष अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं में उत्साह दिखाई दिया। जहां किसी के घर नई दुल्हन की पहली लोहड़ी की तैयारी थी, तो कहीं बच्चों की पुरानी यादें ताजा होती दिखीं। आधुनिकता के दौर में भी लोहड़ी के पारंपरिक गीतों और अलाव की तपिश ने सामाजिक सद्भाव को संजोए रखा है।


बेटी की लोहड़ी भी मनाते हैं
डॉ. शशी धमीजा ने बताया कि लोहड़ी फसलों के पकने और सूर्य के उत्तरायण होने की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है। आज के दौर में बेटा-बेटी का अंतर समाप्त हो गया है, इसलिए लोग बेटियों की लोहड़ी भी धूमधाम से मनाते हैं। यह त्योहार हमें अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने और मिलन की खुशियां बांटने का संदेश देता है।
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अब नहीं गाए जाते पुराने गीत


संगीता ने बताया कि बचपन में बच्चों की टोलियां घर-घर जाकर सुंदर मुंदरिए जैसे लोकगीत गाकर लोहड़ी मांगती थीं, जो अब कम ही दिखता है। आज लोग व्हाट्सएप पर बधाई देकर औपचारिकता निभाते हैं, जबकि असली आनंद सजी-धजी टोलियों और सामूहिक गीतों में था। काश, वे पुराने दिन लौट आएं जब लोहड़ी मांगने के हास्यास्पद नारों से सारा वातावरण संगीतबद्ध और खुशहाल हो जाता था।

देवताओं के प्रति जताया जाता है आभार
हिमानी वधावन ने बताया कि कड़ाके की शीत लहर के बीच लोहड़ी का अलाव शरीर और मन को गर्मी का सुखद एहसास प्रदान करता है। अग्नि को देवताओं का मुख माना गया है, इसलिए इसमें तिल, गजक और मूंगफली अर्पित कर ईश्वर को भोग लगाया जाता है। यह पर्व सर्दी से राहत देने के साथ-साथ आध्यात्मिक रूप से देवताओं के प्रति आभार प्रकट करने का एक माध्यम है।

दान और पुण्य का पर्व
सीमा चोपड़ा ने बताया कि लोहड़ी वास्तव में दान और पुण्य का पर्व है, जहाँ लोग मूंगफली, रेवड़ी और गजक जैसी चीजों का खुले मन से दान करते हैं। इस दिन गरीबों को कंबल, स्वेटर और गर्म कपड़े भेंट कर मानवता की सेवा के जरिए पुण्य कमाया जाता है। ईश्वर का धन्यवाद करने और अग्नि के माध्यम से देवताओं का आशीर्वाद लेने का यह उत्सव सचमुच अतुलनीय है।

लोहड़ी का सांस्कृति महत्व
कामिनी आहूजा ने बताया कि हमारे परिवार में लोहड़ी का बहुत सांस्कृतिक महत्व है, जिसे हम डीजे, भांगड़ा और गिद्दा के साथ धूमधाम से मनाते हैं। इस बार मेरी बेटी एंजेल रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, इसलिए शादी के बाद पहली बार हम उसके बिना यह पर्व मनाएंगे। बेटी की कमी तो खलेगी, लेकिन हम उसकी सफलता की मंगल कामना करते हुए पारंपरिक रूप से प्रसाद बांटकर खुशियां मनाएंगे।

मेरी शादी की पहली लोहड़ी
श्वेता ने बताया कि शादी के बाद यह मेरी पहली लोहड़ी है, जिसे लेकर घर के सभी सदस्य और करीबी रिश्तेदार बेहद उत्साहित हैं। इस खास अवसर को यादगार बनाने के लिए भव्य तैयारी की गई है और आंगन में विशेष रूप से डीजे का प्रबंध किया गया है। पंजाबी लोक संगीत की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा डालकर हम इस उत्सव को परंपरागत आहुतियों के साथ मनाएंगे।

जीवन में लाती है सुख-समृद्धि
शालू ने बताया कि लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति और अग्नि देव के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करने का एक पावन अवसर है। पवित्र अग्नि में तिल, गुड़ और रेवड़ी की आहुति देने से घर की नकारात्मकता नष्ट होती है और सुख-शांति का वास होता है। यह मान्यता है कि अग्नि के माध्यम से हमारी प्रार्थनाएं सीधे ईश्वर तक पहुंचती हैं और जीवन में समृद्धि लाती हैं।
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नए मेहमान के आगमन पर होता है जश्न
रेखा शर्मा ने बताया कि नई दुल्हन के ससुराल आने या घर में नन्हे मेहमान के आगमन पर पहली लोहड़ी का जश्न बहुत बड़ा और विशेष होता है। पारंपरिक परिधानों में सजी बहू बड़ों का आशीर्वाद लेती है और नन्हे शिशु की पहली लोहड़ी पर ननिहाल से विशेष उपहार आते हैं। ढोल-नगाड़ों के साथ लोहड़ी छकाना की यह रस्म रिश्तों में मिठास और आपसी प्रेम को और गहरा करती है।

नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया- फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।

नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया- फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।

नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया- फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।

नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया- फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।

नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया- फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।

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नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया- फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।

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नडियाली गांव में 35वां लोहड़ी पर्व कन्याओं के नाम महोत्सव एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया- फोटो : अतिक्रमण हटवाते पुलिसकर्मी।

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