अंबाला। हरियाणा विधानसभा में स्कूलों की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सदन में बताया कि अंबाला जिले के कुल 762 सरकारी स्कूलों में से 257 स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी मिली है। यह जानकारी मुलाना से कांग्रेस की विधायक पूजा द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी गई है। बुनियादी ढांचे की कमियों में अतिरिक्त कक्षा कक्षों, खेल के मैदान, लैब और पुस्तकालय आदि शामिल हैं। शिक्षामंत्री ने यह भी बताया कि विभाग ने वर्ष 2024-25 के यू-डीआईएसई पोर्टल के माध्यम से स्कूल-वार जानकारी एकत्र की है, सरकार कुछ विशिष्ट स्कूलों के लिए बजट भी स्वीकृत कर चुकी है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि डेटा जुटाने की प्रक्रिया जारी है और कमियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कमरों की भारी कमी
जिले के स्कूलों में कक्षा-कक्षों की भारी कमी है। आंकड़ों के अनुसार, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 105, हाई स्कूलों में 27 और मिडिल स्कूलों में 21 अतिरिक्त कमरों की तत्काल आवश्यकता है। वहीं बुनियादी ढांचे में सबसे बड़ी कमी खेल के मैदानों को लेकर देखी गई है। जिले के लगभग 67 सीनियर सेकेंडरी, हाई और मिडिल स्कूलों के पास खेल के लिए अपना मैदान उपलब्ध नहीं हैं।
20 स्कूलों में पुस्तकालयों की कमी
11 सीनियर सेकेंडरी और 9 हाई स्कूलों में पुस्तकालयों की कमी है। इसके अलावा, विज्ञान प्रयोगशालाओं और कंप्यूटर रूम की भी कई स्कूलों में आवश्यकता बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश स्कूलों में पेयजल और लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग कार्यात्मक शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।
इन विशिष्ट स्कूलों के लिए बजट किया जारी
अंबाला कैंट स्थित गवर्नमेंट हाईस्कूल छबियाना के पास केवल 400 वर्ग गज जमीन है। नए भवन के निर्माण के लिए 55.06 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जीएचएस सब्जी मंडी के लिए 76.66 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। जीएमएस झिरीवाला स्कूल भवन के अधूरे काम को पूरा करने के लिए 29.00 लाख रुपये का अनुमान विभाग को प्राप्त हो चुका है। जीएमएस सुभाष नगर स्कूल की इमारत जर्जर घोषित होने के कारण फिलहाल यह स्कूल जीएमएस डेहा बस्ती में चलाया जा रहा है।