अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों के लिए लगा नर्सिंग कॉल सिस्टम बंद अनदेखी की भेंट चढ़ गया है। हजारों रुपये की लागत से यह सिस्टम इमरजेंसी के नर्सिंग ऑफिसर स्टेशन पर लगा हुआ है। जबकि एक-एक रिमोट इमरजेंसी में लगे 20 बैड पर लगा हुआ है। लंबे समय से यह नर्सिंग कॉल सिस्टम चलाया ही नहीं जाता। ऐसे में यह केवल एक शोपीस बनकर रह गया है। इमरजेंसी स्टाफ सहित अस्पताल प्रबंधन से इस नर्सिंग कॉल सिस्टम के बारे में जानकारी ली जाती है तो हर बार इस सिस्टम को महज चलाकर दिखा दिया जाता है लेकिन मरीजों के लिए इसे इस्तेमाल नहीं किया जाता है। मजबूरन मरीजों को अपने-अपने बैड से आवाज लगाकर या फिर तीमारदार को भेजकर ही लगाया जाता है।
गंभीर मरीजों के लिए है यह फायदेमंद, फिर भी गंभीर नहीं विभाग
अस्पताल में इस सिस्टम को लगाने का मुख्य उद्ेश्य गंभीर मरीजों को फायदा पहुंचाना है ताकि उनके आस पास कोई न भी हो तो वह अचानक तबीयत बिगड़ने पर एक रिमोट का बटन दबाकर नर्सिंग ऑफिसर को बुला सकते हैं। बावजूद इस सिस्टम को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत कोई भी मरीज बटन दबा देता है तो वो सीधा नर्सिंग ऑफिसर स्टेशन में मुख्य डिस्पले में दिखाई देता है। एक अलार्म के साथ डिस्पले में लाइट भी जलती है। तुरंत बाद नर्सिंग ऑफिसर मरीज तक पहुंच जाती है।
अधिकतर रिमोट हो चुके हैं खराब, नहीं दे रहा कोई ध्यान
इमरजेंसी के वार्ड में लगे बैड पर कुछ नर्सिंग कॉल सिस्टम के रिमोट तो खराब भी हो चुके हैं लेकिन कोई भी यह देखने को तैयार नहीं है। अस्पताल में उपचाराधीन मंजीत के परिजनों का कहना है कि वह दो दिन से अस्पताल में हैं। एक बार भी यह नर्सिंग कॉल सिस्टम को चलते नहीं देखा है। जबकि वह पहले भी कई बार अस्पताल में आ चुके हैं।
खुद ही उठकर बुलाने जाना पड़ रहा
रोहित ने बताया कि उनके मामा ओमप्रकाश अस्पताल में दाखिल हुए थे। सुबह से कई बार उनकी तबीयत बिगड़ चुकी है। हर बाद खुद ही उठकर बाहर नर्सिंग ऑफिसर या डॉक्टर को बुलाने के लिए जाना पड़ता है। जो सिस्टम लगा है तो उसके बारे में न तो जानकारी किसी ने दी है और न ही यह चल रहा है।
नर्सिंग कॉल सिस्टम गंभीर मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है तो गलत है। इसे तुरंत ही शुरू करवाया जाएगा।
डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला कैंट नागरिक अस्पताल