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पहल: अब महिला कैदी भी बनेंगी रेडियो जॉकी, छह महिला कैदियों को दी जाएगी ट्रेनिंग

Tue, 21 Dec 2021 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला (हरियाणा) 

सार

अंबाला सेंट्रल जेल में महिला कैदी भी जेल रेडियो पर कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। इसके लिए छह महिला कैदियों को रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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अंबाला सेंट्रल जेल में बनाया गया जेल रेडियो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के अंबाला में अब सेंट्रल जेल की महिला कैदी रेडियो जॉकी बनकर श्रोताओं का मनोरंजन करेंगी। इनके कार्यक्रमों की प्रस्तुति अंबाला जेल रेडियो पर होगी। इसके लिए बकायदा छह महिला कैदियों को रेडियो जॉकी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

बता दें कि अंबाला सेंट्रल जेल में कैदियों द्वारा इस साल शुरू किए गए जेल रेडियो को जेल में बंद कैदियों द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। अब जेल में बंद महिला कैदियों ने भी इसी तरह के कार्यक्रम उनके द्वारा शुरू करने और रेडियो जॉकी बनने की इच्छा जताई है। महिला कैदियों की मांग पर अब जेल रेडियो महिला ब्लॉक में भी शुरू करने का प्रस्ताव है।

 

अंबाला सेंट्रल जेल के अधीक्षक लखबीर सिंह के अनुसार पहले चरण में छह महिला कैदियों को तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक और जिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में पत्रकारिता विभाग की प्रमुख डॉ. वर्तिका नंदा द्वारा ट्रेनिंग देने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसे नए वर्ष पर शुरू किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में पुरुष कैदियों को दूसरे चरण का प्रशिक्षण देने हेतु छह ओर कैदियों के चयन हेतु ट्रायल लिए जा रहे है। उन्होंने बताया कि सेंट्रल जेल अंबाला में चल रहे जेल रेडियो के कार्यक्रम को कैदियों द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है। अब कोविड की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए एहतियात व सुरक्षा की दृष्टि से कैदियों को ये ट्रेनिंग ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से प्रदान की जायेगी।

 

उन्होंने बताया कि इस समय जेल रेडियो पर कैदियों द्वारा अपनी कला व हुनर का प्रदर्शन बखूबी किया जा रहा है। जेल रेडियो में कैदियों द्वारा सुबह एक घंटे धार्मिक संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है और शाम के समय दो घंटे अन्य कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण किया जा रहा है।
 

जेल रेडियो पर चल रहे कार्यक्रमों में आप की फरमाइश इस समय सबसे ज्यादा पसंदीदा कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि जेल रेडियो में कानूनी सहायता जागरूकता कार्यक्रम भी जिला विधिक सेवा के सहयोग से निरंतर चलाए जा रहे हैं। कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर डॉ. राजिंदर राय, जिला मानसिक स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे कार्यक्रम को भी कैदियों द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है।

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