अंबाला। पंजाब में किसानों के आंदोलन से सोमवार को एकबार फिर रेल सेवाएं बाधित रहीं। इस दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस सहित 22 ट्रेनों का संचालन पूर्णतया रद्द कर दिया गया, जबकि 15 ट्रेनों को बीच रास्ते में रोका गया। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तीन कृषि कानून को वापस कराने में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा, किसानों की ऋण माफी और टोल टैक्स बढ़ोत्तरी के विरोध में सोमवार को पंजाब के किसान सड़कों पर उतरे। इस दौरान विरोध-प्रदर्शन कर बड़ी संख्या में किसान जंडियाला-मानावाला रेलवे मार्ग, जालंधर-पठानकोट, टांडा-उड़मुड़ और अमृतसर-खेमकरण रेल मार्ग पर बैठ गए। इस कारण अंबाला छावनी से पंजाब की तरफ आने-जाने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। मंडल वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक हरि मोहन ने बताया कि किसान आंदोलन की वजह से कटड़ा से नई दिल्ली की तरफ जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृतसर की तरफ से आने वाली शान-ए-पंजाब सहित 22 ट्रेनें पूर्णतया रद्द रहीं और 15 ट्रेनों को बीच रास्ते में रद्द करना पड़ा।
वहीं कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकने के बाद दोबारा संचालित करने का रेलवे ने फैसला किया। आंदोलनरत किसान मजदूर संगठन के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि बेशक सरकार ने कृषि कानूनों को वापस ले लिया है, लेकिन अभी किसानों की कई मांगे लंबित हैं, जिसे लेकर रेल रोको आंदोलन शुरू किया गया है।