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Ambala News: अब शादी के मंडप में गूंजेंगे बेटी बचाओ के स्वर, नवदंपती लेंगे भ्रूण हत्या के खिलाफ शपथ

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अंबाला। जिले में लिंगानुपात सुधारने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक अनूठी पहल शुरू की है। अब जिले में होने वाले विवाह समारोहों के दौरान पंडित, मौलवी और ग्रंथी नवविवाहित जोड़ों को कन्या भ्रूण हत्या न करने व समाज में बेटियों को समान दर्जा देने की शपथ दिलाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के सभी मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों से पत्राचार कर अनुरोध किया गया है कि वह विवाह संपन्न कराते समय वर-वधू को जागरूक करें।
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कानूनी कार्रवाई की भी दी जाएगी जानकारी
इस शपथ में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बेटा और बेटी में कोई भेदभाव नहीं है। बेटी का जन्म सौभाग्य का प्रतीक है। विवाह के दौरान दंपती को यह भी बताया जाएगा कि गर्भ में लिंग की जांच कराना और कन्या भ्रूण हत्या करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत ऐसा करने पर 3 से 5 साल की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक गुरु समाज के मार्गदर्शक हैं और उनका सहयोग लिंगानुपात सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा।


छह स्वास्थ्य केंद्रों में गिरे लिंगानुपात ने बढ़ाई है विभाग की टेंशन

जिले के ग्रामीण इलाकों में घटता लिंगानुपात स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। छह प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लिंगानुपात 900 के आंकड़े से काफी नीचे पहुंच गया है। स्थिति गंभीर होते देख विभाग ने 12 मई को 6 स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इनमें पीएचसी बोह का 769, पीएचसी पंजोखरा का 811, पीएचसी शहजादपुर का 851, पीएचसी बिहटा का 854, पीएचसी चौड़मस्तपुर का 854 व पीएचसी नूरपुर का 893 लिंगानुपात है।
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लिंगानुपात में गिरावट एक गंभीर विषय है, इसको लेकर विभाग समय-समय पर प्रयासरत रहता है। धार्मिक गुरु समाज के मार्गदर्शक हैं, इसलिए उनका सहारा लिया जा रहा है।
- डॉ. मुकेश कंडारा, पीएनडीटी जिला नोडल अधिकारी

लिंगानुपात सुधारने व कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसका असर दिखाई देगा।
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- डॉ. रेनू बेरी, सीएमओ अंबाला
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