अंबाला। रेलवे ने लोको पायलटों (एलपी) और सहायक लोको पायलटों (एएलपी) की सुविधाओं को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने निर्देश जारी किया है कि अब रनिंग रूम (विश्राम कक्ष) से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत केवल चालक दल मोबाइल एप के माध्यम से ही दर्ज की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इससे न केवल व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि शिकायतों का समाधान भी तेजी से हो सकेगा।
मैन्युअल रजिस्टर का दौर होगा खत्म
अभी तक लोको पायलट और गार्ड रनिंग रूम में बिजली, पानी, सफाई या खाने से जुड़ी समस्याओं के लिए वहां रखे मैन्युअल रजिस्टर या स्थानीय स्तर पर बनाए गए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। रेलवे बोर्ड ने पाया कि कई बार ये शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक समय पर नहीं पहुंच पाती थीं। नए आदेश के अनुसार, अब सभी जोनल रेलवे को पुराने रजिस्टर और स्थानीय सिस्टम बंद कर पूरी तरह डिजिटल होने के निर्देश दिए गए हैं।
सीधे मुख्यालय की होगी नजर
रेलवे बोर्ड के मुताबिक, चालक दल एप सीधे क्रू मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) से जुड़ा है। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि शिकायत दर्ज होते ही वह सिस्टम में दर्ज हो जाएगी और मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी इसकी निगरानी कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए लोको पायलटों को क्वालिटी रेस्ट मिलना अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।रनिंग रूम में रखे सभी भौतिक शिकायत रजिस्टर अब हटाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन अब लोको पायलटों और ट्रेन प्रबंधकों को एप इस्तेमाल करने के लिए जागरूक और प्रेरित करेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रनिंग रूम में बेहतर सुविधाएं सीधे तौर पर रेल सुरक्षा से जुड़ी हैं।
रेलवे में प्रत्येक सुविधा के लिए अब एप उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होती है। ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों के भी रेलवे ने यह व्यवस्था की है जोकि काफी कारगर साबित होगी।
एनके झा,वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अबाला मंडल।