फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: निगम हाउस में अब हजपा के लिए चुनौती होगा एजेंडा पास कराना

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। नगर निगम में डिप्टी मेयर का पद जिस पर डेढ़ वर्ष पूर्व वार्ड 5 से निर्वाचित नगर निगम सदस्य राजेश मेहता का निर्विरोध निर्वाचन हुआ था। तब वह नगर निगम मेयर और हरियाणा जनचेतना पार्टी-हजपा (वी) की नेता शक्ति रानी शर्मा की पार्टी में थे।
विज्ञापन

हाल ही में मेहता के दल-बदलकर कांग्रेस में आने से बैठे-बैठाए कांग्रेस को डिप्टी मेयर का पद प्राप्त हो गया है। ताजा दल बदल के बाद अंबाला नगर निगम सदन में मेयर शक्ति रानी शर्मा की पार्टी हजपा (वी) में उन्हें मिलाकर अब कुल पांच सदस्य ही हैं। इस प्रकार 21 सदस्यीय निगम सदन में मेयर की पार्टी हजपा (वी) को अपना एजेंडा पारित करवाने के लिए विपक्षी भाजपा के 11 और कांग्रेस के पांच सदस्यों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ेगा।

राजेश मेहता की हुई थी घर वापसी

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता और कानूनी विशेषज्ञ हेमंत शर्मा ने बताया कि गत सप्ताह अंबाला नगर निगम के तीन निर्वाचित नगर निगम सदस्य हजपा (वी) को छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे। इनमें वार्ड पांच से राजेश मेहता, वार्ड एक (अनुसूचित जाति आरक्षित) से जसबीर सिंह और वार्ड 19 से राकेश कुमार शामिल हैं। रोचक बात यह है कि डिप्टी मेयर राजेश मेहता कांग्रेस पार्टी के टिकट पर ही वार्ड पांच से नगर निगम सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए थे मगर 14 जनवरी 2021 को शपथ ग्रहण के दिन ही वह कांग्रेस से दल-बदल कर प्रत्यक्ष निर्वाचित मेयर शक्ति रानी शर्मा की पार्टी हजपा (वी) में शामिल हो गये थे। इस प्रकार देखा जाए तो राजेश मेहता के द्वारा दल-बदल करने से उनकी कांग्रेस में घर वापसी ही हुई है।
विज्ञापन

मेहता को पद से हटाने के लिए चाहिए दो तिहाई मत

डिप्टी मेयर राजेश मेहता को पद से हटाना है तो ऐसा नगर निगम सदन की विशेष बुलाई गई बैठक में दो-तिहाई निर्वाचित नगर निगम सदस्यों ( अर्थात 14) के बहुमत से ही किया जा सकता है। वहीं, हालांकि सीधे निर्वाचित मेयर को पद से हटाने के लिए तीन-चौथाई निर्वाचित नगर निगम सदस्यों के बहुमत की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें