अंबाला। प्रदेशभर में मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ अब मत्स्य विभाग लोगों को मछली बेचने के लिए रेहड़ी पर भी सब्सिडी उपलब्ध कराएगा। रोजगार को बढ़ावा देने के मकसद से यह पहल की है। इससे उन लोगों को लाभ मिलेगा जो बेरोजगार हैं और अपनी रेहड़ी लगाकर मछली बेच सकेंगे।
विभाग की तरफ से 20 से लेकर 60 हजार रुपये तक राशि निर्धारित की गई है। पहले तो इच्छुक आवेदक को अपनी तरफ से रेहड़ी तैयार करवानी होगी। इसमें वह गैस चुल्हा, बैठने का स्टूल, छतरी आदि सामान ले सकता है। आवेदन करने के बाद श्रेणी के अनुसार ही सब्सिडी दी जाएगी। सामान्य श्रेणी वालों को 40 प्रतिशत को एससी व महिला वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इतना ही नहीं कोई आवेदक इच्छुक होगा तो उसे विभाग की तरफ से करीब पांच दिन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
इसमें अलग-अलग मछलियों के बारे में बताने के अलावा उनसे जुड़ी बीमारियों आदि के बारे में बताया जाएगा कि आखिर उन्हें गर्मी में कैसे तो सर्दी में किस तरह से रखना है। यह ट्रेनिंग पूरी तरह से निशुल्क रहेगी। रोजाना ट्रेनिंग में आने वाले को 200 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि रेहड़ी के लिए विभाग की तरफ से मछली की ट्रेनिंग कोई जरूरी नहीं है लेकिन फिर भी आवेदक यह ट्रेनिंग लेकर मछली पालन आदि बारे भी पूरी जानकारी हासिल कर सकता है।
पंचायती तालाबों की सब्सिडी होगी दोगुनी
मत्स्य विभाग ने पंचायती तालाब में मछली पालन करवाने वालों को भी राहत दी है। उनकी सब्सिडी को भी बढ़ा दिया गया है। विभाग द्वारा पहले साल में 50 प्रतिशत, दूसरे साल 25 प्रतिशत थी लेकिन अब उसके एरिया को बढ़ा दिया गया था। ऐसे में पंचायती तालाब में मछली पालने वालों को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा विभाग की तरफ से ट्रेनिंग देने के लिए सरकार आपके द्वार के तहत ट्रेनिंग दी जा रही है। जैसे ही लोग मछली पालन के प्रति इच्छा जताते हैं तो उन्हें वहीं जाकर ट्रेनिंग दी जाती है।
वर्जन
रेहड़ी लगाकर मछली बेचने वालों को भी सब्सिडी दी जाएगी। रेहड़ी बनवाने के लिए 60 हजार रुपये तक की लिमिट है। साथ ही पंचायती तालाब में मछली पालने वालों की सब्सिडी को भी बढ़ा दिया गया है।
सुरेंद्र ठकुराल, कार्यकारी अधिकारी, जिला मत्सय विभाग अंबाला