नारायणगढ़। शुगर मिल को संबद्ध करने, गन्ना किसानों के बकाया को लेकर भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह और संयुक्त किसान मजदूर इंकलाब यूनियन का धरना नारायणगढ़ उप मंडल कार्यालय में वीरवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने अब इस धरने को अनिश्चितकालीन करने का फैसला लिया है। इससे पहले किसान संगठन ने दो दिन का धरना देने का निर्णय लिया था। पूरा दिन धरना स्थल पर किसानों की आवाजाही लगी रही। कड़ी धुंध और कोहरे के बावजूद भी किसान मोर्चे पर डटे रहे। जमकर नारेबाजी की गई
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के उपाध्यक्ष विक्रम राणा ने कहा कि किसानों के बकाया भुगतान पर ही नहीं बल्कि जो मिल ने किसानों के नाम पर ऋण ले रखा है उस सारे पैसे पर नंगी तलवार लटकती नजर आ रही है। अगर मिल कुर्क होती है तो किसानों के पैसे का जिम्मेदार कौन होगा, इसलिए धरना शुरू किया गया और आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरने में शामिल हों।
वहीं संयुक्त किसान मजदूर इंकलाब यूनियन के अध्यक्ष धर्मवीर ढींडसा ने कहा कि मौजूदा गठबंधन सरकार एक तरफ विकसित भारत की बात करती है, दूसरी तरफ किसानों को उनकी फसलों की कीमत भी नहीं देती। नारायणगढ़ शुगर मिल किसानों के लिए बड़ी मुसीबत का कारण बन चुकी है। सरकार कांट्रैक्ट फार्मिंग के तहत किसानों के बकाया दिलवाने की जिम्मेदारी से भागना चाहती है। मिल प्रशासन की देखरेख में चल रहा है लेकिन किसानों को धोखे में रखा गया और बताया नहीं गया।