अंबाला। शहर में सफाई की स्थिति खराब है। ये हालात तब हैं जब कुछ समय पहले ही नगर निगम के कमिश्नर निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दे चुके थे। इसके बावजूद गंभीरता क्षेत्र में नहीं दिखाई दी।
इसी मुद्दे को अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में शहर में सफाई व्यवस्था की पोल खोलते हुए समाचार को प्रकाशित किया था। इसके बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। शुक्रवार को डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर दीपक सूरा खुद फील्ड में निरीक्षण करने निकले। यहां कई स्थानों पर उन्होंने कचरा देखा। इस बदहाल व्यवस्था के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को डांट भी लगाई।
इसके साथ ही सफाई इंस्पेक्टरों को नोटिस भी थमा दिए हैं। इस नोटिस में सोमवार तक इंस्पेक्टरों से संबंधित क्षेत्र की सफाई कराने के बाद फोटो सहित रिपोर्ट तलब की है। छावनी क्षेत्रों में यहां पर कचरे में आग लगाने की घटनाएं मिल रही हैं उसको लेकर भी नगर निगम अधिकारी गंभीरता से संज्ञान लेने की बात कह रहे हैं।
इन क्षेत्रों में डीएमसी निरीक्षण को गए
शहर के मानव चौक, अंबाला मार्केट, कोर्ट रोड, पुलिस लाइन आदि स्थानों पर डीएमसी निरीक्षण के लिए गए थे। यह वह क्षेत्र हैं जहां से शहर के अधिकांश लोगों का आना जाना होता है। सफाई को लेकर नगर निगम के उच्चाधिकारी गंभीर हैं मगर फिर भी सफाई कार्य में कोताही बरती जा रही है।
सफाई कर्मचारियों की संख्या कम
नगर निगम पर मौजूदा समय में 400 सफाई कर्मचारी हैं, जबकि निगम में 20 वार्ड हैं और आवश्यकता दोगुने से भी अधिक कर्मचारियों की है। इस मांग को पहले भी कई बार हाउस की बैठक में उठाया जा चुका है। वहीं सफाई कर्मचारियों की यूनियन भी यह बात कह चुकी है कि उन पर काफी काम का दवाब है। मौजूदा समय में 400 लोगों पर एक कर्मचारी की जरूर है।
सफाई का मुद्दा कमीशन में विचाराधीन
शहर में सफाई का मुद्दा लोकल कमीशन में भी विचाराधीन है। इस मामले में लोकल कमीशन सुनवाई के बाद एक स्थानीय कमेटी भी बना चुका है जो नगर निगम के अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थानों पर सफाई कार्य को देख चुकी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर सफाई के लिए नगर निगम को और मजबूती से काम करने की आवश्यकता है।