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Ambala News: पशुओं की गलघोंटू बीमारी की नहीं आई वैक्सीन

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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला। पशुओं को पैर-मुंह (एफएमडी) और गलघोंटू बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग हर साल दो फेज की वैक्सीन देता है।
अंबाला में पहले फेज की वैक्सीन पिछले वर्ष पशुओं को लगा दी गई थी मगर दूसरे फेज की वैक्सीन आई ही नहीं। जिन पशुओं को यह वैक्सीन लगा दी गई है अब वह भी कुछ समय बाद संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
ऐसा इसलिए क्योंकि वैक्सीन विभाग के पास पहुंची ही नहीं। यह हाल अंबाला का नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों का है।
वैक्सीन न मिलने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। इसी प्रकार लंपी स्किन डिजीज की वैक्सीन भी न होने से इस कार्य को भी नहीं किया जा सका है। ऐसे में अगर लंपी स्किन वायरस का प्रकोप हुआ तो पशुओं को बचाना मुश्किल होगा।
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अप्रैल में छह माह हो जाएंगे पूरे : पशुओं को मुंहखुर (एफएमडी) और गलघोंटू बीमारी से बचाने के लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। इसमें केंद्र सरकार का राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम काफी अहम रोल निभा रहा है। पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए वर्ष में दो बार वैक्सीन दी जाती हैं।
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इसमें पहले फेज की वैक्सीन लगने के बाद छह माह तक इस बीमारी से पशु की प्रतिरक्षा होती है। यह समय निकलने से पहले ही दूसरे फेज की वैक्सीन देनी पड़ती है। पशुपालन विभाग ने पिछले साल अक्तूबर में इस वैक्सीन के पहले फेज में काम किया था। अब अप्रैल में छह माह पूरे हो जाएंगे। ऐसे में अप्रैल में कुछ ही दिन शेष हैं और अभी तक विभाग के पास पशुओं के बचाने के लिए इसकी वैक्सीन ही नहीं पहुंचीं हैं। समय से पशुओं को वैक्सीन नहीं लगीं तो वह अपनी प्रतिरोधक क्षमता खो देंगे।
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