अंबाला। खेल को बढ़ावा देने के लिए भले ही विभाग बड़े-बड़े दावे कर रहा हो लेकिन क्रिकेट के लिए विभाग के हाथ खाली हैं। विडंबना यह है कि विभाग के पास अंबाला में न तो क्रिकेट कोच है और न ही मैदान। जबकि खेल महाकुंभ में अंबाला से विभाग द्वारा तैयार की गई 16-16 खिलाड़ियों की महिला व पुरुष टीम भी बनी हुई है। इन टीमों का शानदार प्रदर्शन भी रहा । इसके बावजूद विभाग ने खेल महाकुंभ के बाद से इन खिलाड़ियों की सुध लेना तक उचित नहीं समझा।
इन टीमों के खिलाड़ी अलग-अलग निजी अकादमी में कोचों से प्रशिक्षण लेकर अपनी प्रतिभा को निखा रहे हैं। इन क्रिकेट टीमों में शामिल खिलाड़ियों का कहना है कि क्रिकेट को लेकर बच्चों में खासा उत्साह है। वन डे व टेस्ट के अलावा आईपीएल ने बच्चों को क्रिकेट की ओर आकर्षित किया है। यही कारण है कि अकादमियों में प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। खेल विभाग को अंबाला में क्रिकेट मैदान के साथ-साथ कोच की भी व्यवस्था करवानी चाहिए।
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विभाग की तरफ से नहीं मिलती कोई सहायता
अंबाला सिटी निवासी मुस्कान सैनी ने कहा कि खेल महाकुंभ में खेल विभाग की तरफ से तैयार की गई टीम का हिस्सा बनकर खेल में काफी सुधार हुआ है। खेल महाकुंभ के बाद विभाग की तरफ से कोई सहायता नहीं मिलती है। कोच व मैदान तो विभाग को उपलब्ध करवाना चाहिए ताकि महिला क्रिकेट टीम अपने खेल के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत देशभर में अपनी पहचान बना सके।
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कम से कम कोच को मिलना चाहिए
अंबाला कैंट निवासी कमाक्शी ने कहा कि महिला क्रिकेट की टीम में शामिल सभी खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करतीं हैं लेकिन उन्हें खेल विभाग की तरफ से कोई मदद नहीं मिलती है। खेल महाकुंभ में भी वह हिस्सा रही थी। कम से कम क्रिकेट का कोच विभाग की तरफ से मिल जाए तो लड़कियों क्रिकेट में अंबाला का नाम ओर चमका सकतीं हैं।
खेल महाकुंभ के समय लड़कियों व लड़कों की क्रिकेट टीम भेजी जाती है। मैदान की जगह नहीं है लेकिन कोच की डिमांड भेजी जाएगी।
राजबीर, जिला खेल अधिकारी अंबाला
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