पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से बाया अंबाला जाने वालों को जल्द जाम से मुक्ति मिलेगी। एनएचएआई अंबाला में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा कर चुका है। इस रिंग रोड से लोग किसी भी राज्य से आएं उन्हें शहर के यातायात में होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इस परियोजना का अंबाला के स्थानीय निवासियों को भी फायदा होगा। इसके साथ ही व्यापारिक दृष्टिकोण से गुजरने वाले वाहनों का समय व लागत बचेगी। अभी तक मिट्टी की कमी के कारण इस परियोजना में देरी हो रही थी, मगर पिछले कुछ समय में इन समस्याओं को दूर कर लिया गया है।
करीब 40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड फोरलेन 691 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जमीन सिक्स लेन (छह लेन) के हिसाब से अधिग्रहित की गई है ताकि बाद में विस्तार में कोई दिक्कत न आए। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 30 गांवों की 657 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, जिसमें पंजाब के तीन गांव भी शामिल हैं। इसके साथ ही रिंग रोड के साथ-साथ कुछ सेक्टर भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण काट रहा है। इसके बाद से शहर को आगे विस्तार दिया जाएगा। इस परियाेजना पर अक्तूबर 2023 में काम शुरू हुआ था, वहीं सितंबर 2026 की डेडलाइन तय की गई है।
5 नेशनल हाईवे आपस में जुड़ेंगे
यह रिंग रोड क्षेत्र के पांच बड़े नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा। यमुनानगर के जगाधरी की ओर से आने वाले वाहन अब शहर के व्यस्त इलाकों में आए बिना सीधे सद्दोपुर निकल सकेंगे। इसी तरह, अगर किसी को पंजाब के अमृतसर जाना है, तो वह बाहर से ही रिंग रोड के जरिए सीधे जीटी रोड पकड़ सकेगा। वहीं, हिसार जाने वाले वाहन भी बिना शहर में फंसे सीधे हिसार रोड पर निकल जाएंगे। वहीं अंबाला शामली परियोजना भी रिंग रोड से जुड़ी है।