भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप के ब्लॉक टू के प्रधान बलजिंद्र ने कहा कि किसान की बात सुनी जाए और समस्या सुनी जाए। गांव में जब तक हर किसान का बकाया नहीं दिया जाता, तब तक कब्जा नहीं देंगे और किसी भी हालत में नहीं देंगे। यहां से किसान डीआरओ कार्यालय जाते हैं तो वहां पर बोला जाता है।
अंबाला के सपेहड़ा से गुजरने वाले शामली एक्सप्रेस-वे व रिंग रोड के लिए इक्वायर हुई जमीन पर कब्जे लेने पहुंचे एनएचएआई अधिकारियों के विरोध में किसान उतर आए है। शनिवार को सुबह किसानों ने कब्जा देने से साफ इंकार कर दिया। किसान नेताओं ने दो टुक कहा कि जब तक सभी किसानों को मुआवजा नहीं मिल जाता है, तब तक किसान अपनी जमीन पर कब्जा नहीं देंगे। ऐसे में करीब तीन घंटे से किसानों व एनएचएआई के कर्मचारियों के बीच बातचीत चल रही है और वह यह देख रहे हैं कि आखिर किस किसान को मुआवजा मिला है या फिर नहीं।
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शामली एक्सप्रेस-वे व रिंग रोड दोनों प्रोजेक्ट के तहत सपेहड़ा में इक्वायर हुई है जमीन
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप के ब्लॉक टू के प्रधान बलजिंद्र ने कहा कि किसान की बात सुनी जाए और समस्या सुनी जाए। गांव में जब तक हर किसान का बकाया नहीं दिया जाता, तब तक कब्जा नहीं देंगे और किसी भी हालत में नहीं देंगे। यहां से किसान डीआरओ कार्यालय जाते हैं तो वहां पर बोला जाता है कि कब्जा न दो। किसान के साथ क्या खिलवाड़ किया जा रहा है। इधर, सीजन का टाइम है और अब किसानों को उजाड़ दिया है।
कुछ किसानों को नहीं मिला मुआवजा, किसानों व एनएचएआई कर्मियों के साथ चल रही मीटिंग
जल्द से जल्द हर किसान का बकाया पैसा दिया जाए और बार-बार परेशान न किया जाएकिसान नेता महासचिव संगठन राम सिंह, पूर्व सरपंच भाग सिंह, नए सरपंच निर्मल सिंह, पूर्व सरपंच गुरदेव सिंह, राजिंद्र सिंह ने कहा कि आज ही बकाया पैसे दिया जाए तो वो आज ही कब्जा देने के लिए तैयार है। बताया जाता है कि सपेहड़ा में दोनों मुख्य प्रोजेक्ट को लेकर करीब 40 एकड़ जमीन इक्वायर की गई है और अभी कुछ नंबरों का पैसा नहीं आया है। ऐसे में किसानों में रोष है कि पहले मुआवजा दें और बाद में कब्जा दिया जाएगा।