करनाल। गीला और सूखा कचरा घरों से ही अलग होकर एकत्र हो, इसके लिए कवायद तेज कर दी गई है। इसके साथ ही शहर की रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त किया जाएगा। अब 96 किलोमीटर सड़कों की सफाई रात को की जाएगी। इसके लिए रूट प्लान तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा जिला नगरायुक्त ने जिले की सभी नगरपालिकाओं को निर्देशित किया कि वह सभी नगरों में डोर टू डोर गीले व सूखे कचरे का पृथ्कीकरण और उठान सुनिश्चित कराएं।
जिला नगरायुक्त एवं निगम के आयुक्त अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को स्वच्छता शाखा के अधिकारियों व सुगम स्वच्छता कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें इस बात पर बल दिया गया कि घरों से गीला व सूखा कचरा अलग होकर उसका एकत्रीकरण किया जाए। निगमायुक्त ने शेखपुरा स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पर एकत्र हो रहे फ्रेश अपशिष्ट की प्रोसेसिंग की जानकारी ली। कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि अगले सप्ताह से प्लांट पर 500 टन प्रतिदिन क्षमता की ट्रोमल मशीनें कचरे के निस्तारण का काम करेंगी। इस प्रक्रिया में कचरा तीन जगह छट जाएगा। प्रोसेसिंग में गीला कचरा कंपोस्ट में परिवर्तित होगा, जबकि सूखा कचरे से निकले अपशिष्ट रिसाइकिलिंग में चले जाएंगे। बेकार चीजें ईंधन के विकल्प के लिए चली जाती हैं, जो प्लांट से निजी एजेंसी को सेल आउट कर दी जाएंगी। निगमायुक्त ने कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे सोर्स सेग्रीगेशन के लिए पंपलेट छपवाएं, जो हर घर तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में उप निगमायुक्त अरुण भार्गव, सफाई निरीक्षक और जिले की कई नगर पालिकाओं के सचिव मौजूद रहे।
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शहर में रात्रिकालीन सफाई का रूट प्लान तैयार
- बैठक में निगमायुक्त ने रात्रिकालीन सफाई (नाइट स्वीपिंग) पर चर्चा के बाद बताया कि शहर में नाइट स्वीपिंग के लिए तीन रूट बनाए गए हैं। पहले व दूसरे रूट में 30-30 किलोमीटर, जबकि तीसरे में 36 किलोमीटर तक सड़कों की सफाई की जाएगी।
शौचालयों की होगी नियमित सफाई
- निगमायुक्त ने बताया कि सामुदायिक और जनशौचालय (सीटी/पीटी) को स्वच्छ रखने के लिए निगम के सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। पश्चिमी यमुना नहर (डब्ल्यूजेसी) पर निगम के कुछ टॉयलेट रखवाए गए हैं, उनकी सफाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
थोक में कचरा फैलाने वालों के होंगे चालान
- निगमायुक्त ने बताया कि जो बल्क वेस्ट जेनरेटर, एनजीटी के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं या फिर जो लोग गंदगी या कूड़े-कचरे को ईधर-उधर फेक कर सफाई को बाधित कर रहे हैं, कचरे में आग लगाकर प्रदूषण फैलाते हैं, उनके नियमानुसार अधिक से अधिक चालान किए जाएं। यदि कोई ऐसा करते दिखे तो इसकी सूचना कोई भी नगर निगम के टोल फ्री नंबर पर दे सकता है।