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लापरवाही: तीन नर्सिंग ऑफिसर ने वीडियो कॉल पर डॉक्टर को रख करानी चाही डिलिवरी, बच्चे की मौत

Fri, 29 Mar 2024 11:13 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

आरोप है कि बच्चेदानी भी फट गई। गंभीर आरोपों पर डॉक्टरों की जांच कमेटी गठित की गई है। बताया जा रहा है कि दो बेटियां के बाद बेटा होना था, स्टाफ की लापरवाही से दम तोड़ दिया।
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अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल का प्रसूति विभाग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल का प्रसूति विभाग एक बार फिर विवादों में आ गया है। अबकी बार महिला के पति ने स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता पति ने कहा कि अस्पताल की तीन नर्सिंग ऑफिसर ने वीडियो पर डॉक्टर को रख पत्नी की डिलीवरी करानी चाही। इस बीच बच्चा गर्भ में ही मर गया और पत्नी की बच्चेदानी की सुरक्षा का भी ध्यान नहीं रखा। अंबाला कैंट शास्त्री कालोनी के निकट बंधु नगर निवासी सुरेश ने इस संबंध में एक शिकायत गृहमंत्री, पड़ाव थाना और सीएमओ अंबाला को भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

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पीड़ित ने बताया कि आखिर में पत्नी बचकर बाहर निकली और वह उसे लेकर जबरन एक निजी अस्पताल ले गए। जहां बच्चा मृत मिला और बच्चेदानी फटने के कारण उसे बाहर निकालना पड़ा। हालांकि अस्पताल स्टाफ ने सभी आरोपों को नकारा है।

उनका कहना है कि गर्भ में बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी थी। उधर, मामले की गंभीरता से देखते हुए अस्पताल के पीएमओ डॉ.लोकवीर ने डॉक्टरों की जांच कमेटी गठित कर दी है। बाकायदा जांच रिपोर्ट मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड को दी जाएगी।
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मन्नतों के बाद होना था बेटा
शिकायतकर्ता शास्त्री कॉलोनी के निकट बंधु नगर निवासी सुरेश ने बताया कि पत्नी सपना की डिलिवरी होनी थी और प्रसव पीड़ा उठने पर छावनी नागरिक अस्पताल में 25 मार्च को दोपहर चार बजे दाखिल कराया था। मौजूदा नर्सिंग ऑफिसर ने कहा कि पत्नी का ऑपरेशन होगा और उसने सहमति जताई थी। बाद में मौजूदा नर्सिंग ऑफिसर ने डॉक्टर की वीडियो कॉल पर उपस्थित में पत्नी के पेट पर धक्के मारकर डिलिवरी करवाने का प्रयास किया। डिलिवरी नहीं होने पर पत्नी अपनी जान बचाकर बाहर भाग आई।

इसके बाद अस्पताल की नर्सों ने पत्नी को 32 चंडीगढ़ ले जाने का सुझाव दिया। जब उसने कहा कि पत्नी को दूसरे अस्पताल में ले जाना चाहते हैं तो स्टाफ ने पत्नी को डिस्चार्ज नहीं किया। बाद में वह जबरन अपनी पत्नी को किसी अन्य अस्पताल में ले गया।

25 मार्च की रात को नौ बजे दाखिल कराकर पत्नी की डिलिवरी कराई तो हमारा बच्चा मृत पैदा हुआ और पत्नी की बच्चेदानी डिलिवरी कराने के दौरान पहले ही फट चुकी थी। पहले दो लड़कियां है और मन्नतों के बाद पहला पुत्र था वो भी मृत पैदा हुआ। पत्नी का दोबारा से बच्चा भी नहीं हो सकता है।

पत्नी के उपचार पर अभी तक लगभग एक लाख रुपये का खर्च आ गया है और आगे भी उपचार कराना पड़ेगा। वह प्राइवेट गाड़ी दिहाड़ी पर चलता है जो वह राशि अदा करने में असमर्थ है। यह खर्च भी ब्याज पर लेकर दिया है। शिकायतकर्ता ने खर्चा दिलाने और कार्रवाई की मांग उठाई है।

पीड़ित महिला के पति सुरेश ने बताया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण न तो बेटे का सुख मिला और पत्नी की बच्चेदानी भी निकल गई। ऐसे में दोबारा बच्चा नहीं हो सकता। दोबारा ऐसा किसी के साथ न हो इसलिए कार्रवाई होनी चाहिए।

उनके संज्ञान में मामला आया है। गंभीरता से जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें तीन सीनियर डॉक्टर पूजा पेंटल, डॉ. मुकेश और डॉ. विनय जांच करेंगे। उसके बाद रिपोर्ट को मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड के पास भेजा जाएगा,जिससे कि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। -डॉ. लोकवीर सिंह, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल

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