अंबाला छावनी स्थित नगर परिषद का कार्यालय। फाइल फोटो
cऊपर का कचरा तो जेसीबी मशीनें निकाल रही हैं, लेकिन गहराई में फंसी गंदगी को निकालने का काम रुका हुआ है।
ऐसे में इस समस्या के समाधान को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग की मदद लेने का फैसला नगर परिषद ने किया है। बाकायदा इस संबंध में विभागीय अधिकारी से मंत्रणा भी की गई है जिससे समय रहते नाले और नालियों की सफाई उचित तरीके से हो सके और अंबाला छावनी में जलभराव की समस्या न रहे। दरअसल अंबाला छावनी के अधिकांश खुले नाले और नालियों को भूमिगत कर दिया गया है।
इस कारण इनकी सफाई अब नगर परिषद के कर्मचारी नहीं कर पा रहे। ऐसे में गंदगी न निकलने की वजह से यह नाले और नालियां जाम हो गई हैं। इस कारण गंदा पानी सड़कों और गलियों में जमा होने लगा है। ऐसी कई शिकायतें लगातार नगर परिषद के अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं कि भूमिगत नाले और नालियों को दोबारा तोड़कर खोला जाए या फिर गंदगी निकालने के लिए सकिंग मशीन का प्रबंध करवाया जाए।
मौजूद समय में नगर परिषद को छोड़कर जनस्वास्थ्य विभाग के पास दो और कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के पास एक सकिंग मशीन है। इनकी मदद से ही वो अपने निर्धारित क्षेत्रों की बखूबी सफाई कर रहे हैं, लेकिन नगर परिषद में मशीन न होने के कारण नाले और नालियों से गंदगी निकालने में सफाई कर्मचारी लाचार नजर आ रहे हैं। कभी-कभार दिखावे के नाम पर गंदगी निकाली जाती है जोकि नाममात्र है। ऐसे में ओवरफ्लो नाले अंबाला छावनी के वासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गए हैं।
भूमिगत नाले व नालियों की सफाई को लेकर सकिंग मशीन खरीदने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन आचार संहिता के कारण निविदा नहीं लग पाई। इसलिए इस समस्या के अस्थाई समाधान को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग की मदद लेने का फैसला किया गया है ताकि स्थानीय निवासियों की समस्या का समाधान हो जाए।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।