अंबाला सिटी। शहर में सड़क पर घूम रहे बेसहारा गोवंश को इधर-उधर खदेड़ दिया जाता है। नगर निगम ने अभी तक बेसहारा गोवंश को लेकर गोशाला में शिफ्ट करने के लिए कोई समाधान नहीं किया और न ही कोई टेंडर लगाया गया है। बीते माह निगम ने डंगडेहरी गांव में नंदीशाला व गोशाला बनाने के लिए जमीन देखी थी, लेकिन यह कागजी प्रक्रिया ही है। इस योजना को धरातल पर आने के लिए समय लगेगा। बेसहारा गोवंश को लेकर मुद्दा हाउस की बैठक में भी गूंज चुका है। शहर के सेक्टरों की बात करें या कॉलोनियों की, हर तरफ बेसहारा गोवंश की समस्या को लेकर लोगों को परेशानी हो रही है।
रात में सड़क पर बैठे रहते हैं गोवंश
शहर के जंडली पुल से लेकर इंको चौक, मॉडल टाउन, प्रेम नगर, सेक्टर-7, 8, 9,10 और जलबेड़ा रोड, घासमंडी क्षेत्र में बेसहारा गोवंश घूमते रहते हैं। शहर के अन्य जगहों पर भी लोगों की परेशानी बढ़ी है। रात के अंधेरे में गोवंश सड़क पर बैठे नहीं दिखते, जिससे हादसे होने का डर बना रहता है। निगम के बनाए गए डंपिंग प्वाइंट के पास तो गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। शाम होते ही यह गोवंश सड़कों पर जमा हो जाते हैं। कई गोवंश लोगों को टक्कर मारकर भी घायल किया है। ऐसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
कोट्स
शहर में बेसहारा पशु इधर से उधर घूम रहे हैं। अभी तक निगम ने इन पशुओं के समाधान को लेकर किसी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया। सिर्फ कागजों में आवारा पशुओं को लेकर योजनाएं बन रही हैं। निगम को गंभीरता से इस मुद्दे पर संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि इस समस्या से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार ने 10 वर्ष में सिर्फ कागजी बातें ही की हैं।
राजेश मेहता, डिप्टी मेयर, नगर निगम।
वर्जन
निगम क्षेत्र में नंदीशाला व गोशाला बनाने के लिए प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। शहर से बेसहारा गोवंश को सुल्लर गोशाला में भेजने के लिए अभियान चलाया जाएगा। निगम ने पहले भी अभियान चलाकर गोवंश को गोशाला में भेजा था।
मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
वर्जन
निगम क्षेत्र में नंदीशाला व गोशाला बनाने के लिए प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए मुख्यालय में भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू करवाया जाएगा। इसके लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे हैं।
शक्ति रानी शर्मा, मेयर, नगर निगम।