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Ambala News: लकड़ी की कुर्सियाें से निकल रही कीलें, फट रहे रोडवेज के कर्मचारियों के कपडे़

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अंबाला सिटी। बस स्टैंड पर रोडवेज को नया कार्यालय तो मिल गया मगर यहां सुविधाएं नहीं मिल सकीं। अभी तक उन्हें फर्नीचर मिला न ही बजट मिला। इसके कार्यालय में एयर कंडीशन तक भी नहीं है। दो वर्ष से रोडवेज के कर्मचारी बजट आने का इंतजार कर रहे हैं। रोडवेज कार्यालय में प्रथम और द्वितीय तल पर बुकिंग शाखा, लेखा शाखा और नकद शाखा समेत 12 शाखाएं हैं। इन शाखाओं में रोडवेज कर्मचारी पुराने और टूटे हुए क्षतिग्रस्त फर्नीचर पर काम करने को मजबूर हैं। काम चलाने के लिए रोडवेज ने पुराने कार्यालय के फर्नीचर को ही दे दिया था। यह फर्नीचर जगह जगह से टूट रहे हैं। बैंच हाें या लोहे की अलमारी, अधिकांश की हालत खराब है। इसके साथ ही कुर्सियाें से निकल रही कीलें रोडवेज के कर्मचारियों के कपडे़ फाड़ रही हैं। इस क्षतिग्रस्त फर्नीचर को देखते देखते कई रोडवेज के कर्मचारी सेवानिवृत्त होकर भी चले गए। इसी तरह से कार्यालय में पुराने कंप्यूटर हैं उनकी गति भी काफी धीमी है।
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इन शाखाओं में हैं क्षतिग्रस्त फर्नीचर
बुकिंग ब्रांच, स्थापना शाखा, आईटी सैल, स्टेनो रूम, एओ कार्यालय, कैश ब्रांच, अकाउंट ब्रांच, एडीए ब्रांच, यातायात ब्रांच, लेजर ब्रांच, ओवर टाइम ब्रांच, पीएसओ ब्रांच में टेबल, कुर्सी क्षतिग्रस्त और टूटे हुए हैं। इन शाखाओं में रोडवेज के विभिन्न कर्मचारी काम करते हैं।

इन शाखाओं में यह है एसी की स्थिति
महाप्रबंधक के कमरे में 2 एसी लगे हैं। वहीं बुकिंग ब्रांच में एक एसी लगा है जबकि यहां तीन एसी की जरूरत है। स्थापना शाखा में एक भी एसी नहीं है जबकि चार एसी होने चाहिए। कैश ब्रांच में एक भी एसी नहीं है। इसी प्रकार अकाउंट ब्रांच, एडीए ब्रांच, यातायात ब्रांच, लेजर ब्रांच, टाइम ब्रांच आदि में एसी की जरूरत है।
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दो बार प्रस्ताव बनाकर भेज चुके हैं मुख्यालय
एओ सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि करीब दो साल पहले 70 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय में भेजा था। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद एक बार फिर से कुछ समय पहले ही मुख्यालय में प्रपोजल बनाकर भेजा है। इस मामले को लेकर जब परिवहन विभाग के महा निदेशक सुजान सिंह से बात की गई तो उन्होंने अंबाला डिपो के जीएम के पाले में गैंद डाल दी। उन्होंने कहा कि जीएम ही बेहतर बता सकते हैं। जबकि बजट को मुख्यालय स्तर से जारी होना है।
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