अंबाला सिटी। 10वीं के परीक्षा परिणाम में भी लड़कियों ने दबदबा कायम रखा है। टॉप तीन में स्थान पाने वाली सातों लड़कियां हैं। वहीं पास प्रतिशत में लड़कों से अधिक 64.19 प्रतिशत लड़कियां पास हुई हैं। ओवर ऑल रिजल्ट की बात करें तो कुल पांच हजार 786 लड़कियों ने परीक्षा दी थी, इसमें से तीन हजार 714 ने परीक्षा उत्तीर्ण की। वहीं 624 लड़कियों की कंपार्टमेंट आई है। दूसरी ओर, छह हजार 496 लड़कों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 3454 लड़कों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। 669 लड़कों की कंपार्टमेंट आई। कुल 53.17 प्रतिशत लड़के ही पास हैं।
मोबाइल से दूर रहकर की पढ़ाई, किया जिले में टॉप
समृद्धि ने सरकारी स्कूल होली में पढ़ते हुए दसवीं कक्षा में 492 अंक प्राप्त कर बराड़ा का नाम रोशन किया है। समृद्धि के पिता पंकज की इच्छा थी कि उनकी बेटी सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करें। इसके चलते 2021 में बेटी समृद्धि को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय होली में दाखिला दिलवाया गया। बता दें कि समृद्धि के पिता पंकज गंगनपुर सरकारी स्कूल में जेबीटी अध्यापक हैं। वे मूल रूप से सफीदों के रहने वाले हैं। समृद्धि ने बताया कि उसने सोशल मीडिया व मोबाइल से दूरी बनाई रखी। कोविड के समय ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल का प्रयोग किया। समृद्धि ने बताया कि उसने यूट्यूब पर ज्ञान वर्धक वीडियो देखकर खूब ज्ञान बटोरा। यूट्यूब पर एक दिन पहले विषयों से संबंधित विडियो देखती थी। जो अगले दिन स्कूल में रिविजन हो जाता था।
जिले में 492 अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल करने वाली रणदीप ने बताया कि वह अपना सारा ध्यान पढ़ाई पर ही लगाती थी। कोरोना काल में भी उन्होंने पढ़ाई पर ही फोकस रखा। वहीं, सैनी हाई स्कूल के प्रिंसिपल अश्वनी ने छात्रा के साथ उनके पिता रविंद्र सिंह और माता जसपाल कौर को बधाई दी।
दूसरे स्थान पर रहीं ज्ञानदीप हाई स्कूल कड़ासन की नीति ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में अधिकतर समय किताबों में ही बिताया। उनके दादा मख्तार सिंह बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने उनकी सहायता की। उनके पिता शहजादपुर में चश्मे की दुकान करते हैं। वहीं माता छीमा गृहिणी हैं।
संत स्वर्ण पब्लिक हाई स्कूल दुर्गा नगर की कशिश सिसोदिया ने जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। उनके पिता नरेंद्र कुमार कपड़ा मार्केट में काम करते हैं। वहीं, माता संजना गृहिणी हैं। उनका सपना है कि वह आईपीएस की पढ़ाई करते हुए समाज व देश हित में काम करना चाहती हैं। उन्होंने समझ कर पढ़ाई की।
जीजस एंड मैरी हाई स्कूल भूरेवाला की पलक ने भी 487 अंक लेकर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। उनकी माता ममता प्रॉपर्टी का काम करती हैं। वहीं, पिता संदीप कुमार ड्राईवर हैं। उन्होंने बताया कि वह अपना अधिकतर समय पढ़ाई पर ही बिताती थी। उनका सपना आईपीएस बनना है।
नंद लाल गीता विद्या मंदिर स्कूल तेपला की छात्रा विशाखा ने जिले में 486 अंक लेकर तृतीय स्थान हासिल किया है। उनके पिता गांव रामपुर में आटा चक्की चलाते हैं। वहीं माता रेणूबाला गृहिणी हैं। उनका सपना इंजीनियर बनना है। उन्होंने बताया कि वह जो भी पढ़ती थी समझ कर पढ़ती थी।
नंद लाला गीता विद्या मंदिर स्कूल तेपला की ही छात्रा महक ने भी जिले में तृतीय स्थान हासिल किया। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन पढ़ाई का लक्ष्य रखती थी और उसे पूरा करके ही उठती थी। उनके पिता जसवंत सिंह किसान हैं। वहीं, माता मीनाक्षी गृहिणी हैं। वह भी समझ कर पढ़ाई करती थी।