अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग डायरिया मुक्त अभियान चलाने जा रहा है। 15 जून से शुरू होने वाले इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों सहित आंगनबाड़ी वर्कर्स और आशाएं भी घर- घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों की जांच करेंगी।
इस अभियान में करीब एक लाख 38 हजार बच्चों को जांचने का लक्ष्य रखा है। अगर किसी बच्चे में डायरिया के लक्षण मिलते हैं तो उसे ओआरएस और जिंक की गोलियां दी जाएंगी। इसके अलावा जिन बच्चों में डायरिया के गंभीर लक्षण हैं उन्हें अस्पताल में उपचार के लिए परामर्श दिया जाएगा।
विभाग को मिलेंगे तीन लाख ओआरएस पैकेट
अभियान के तहत बच्चों को ओआरएस के पैकेट दिए जाएंगे। इसमें सामान्य उल्टी दस्त पर एक पैकेट, मध्यम स्तर है तो दो और गंभीर डायरिया वाले बच्चों को तीन पैकेट ओआरएस के दिए जाएंगे। लक्ष्य को देखें तो विभाग को करीब तीन लाख ओआरएस के पैकेट मंगवाने होंगे। इसके साथ ही आशाएं और आंगनबाड़ी वर्कर्स 10 घरों को ओआरएस का घोल बनाने की विधि भी बताएंगी।
पानी पीने में बरतें सावधानी
चिकित्सकों की सलाह है कि अगर पानी में किसी भी तरह की गंद है तो उसे उबाल कर ही अपने बच्चों को पिलाएं। इसके साथ ही बाजार में खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से भी परहेज करना चाहिए। दस्त लगने पर ग्लूकोज के स्थान पर ओआरएस के घोल का सेवन करना चाहिए।
वर्जन
विभाग के पास अभियान के लिए 85 हजार रुपये का बजट भी आ गया है। इसके तहत कार्य किया जा रहा है। सभी क्षेत्रों के सीएचओ और एएनएम को भी निर्देश दिए हैं।
-डॉ. जशनप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी टीकाकरण, अंबाला।