संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। यमुनानगर, अंबाला व पंचकूला के नागरिक अस्पतालों में दवा भेजने वाले अंबाला के वेयरहाउस से एक माह बाद भी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। गत दिवस कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में बने वेयरहाउस के ग्राउंड फ्लोर में टांगरी नदी के उफान पर आने के बाद छह-छह फीट पानी जमा हो गया था।
ऐसे में करोड़ों रुपये की दवाओं में नमी होने का संकट गहरा गया है। हालांकि ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल पर शिफ्ट कर सभी दवाओं को गीला होने से बचा लिया गया था, लेकिन भवन की दीवारों में सीलन होने के कारण अब नमी का खतरा बढ़ गया है। बिना सैंपलों की जांच के मुख्यालय से दवाओं की सप्लाई करने की अनुमति नहीं मिली है।
हालांकि तीनों जिलों के नागरिक अस्पतालों में व्यवस्था बनाने के लिए करनाल, कैथल, रोहतक, गुरुग्राम के वेयरहाउस से सप्लाई की जा रही है, साथ ही वेयरहाउस को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
नुकसान का आंकलन करेगी इंश्योरेंस कंपनी, फिर विभाग करवाएगा दवाओं की जांच: औद्योगिक क्षेत्र के एक वेयरहाउस में जलभराव होने के बाद अब विभाग के अधिकारियों को संबंधित इंश्योरेंस कंपनी के सर्वे का इंतजार है। उनकी टीम आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से टीम आएगी, जो जायजा लेकर तय करेगी कि वेयरहाउस में पड़ी 503 तरह की दवाओं में से किस-किस के सैंपल लेने हैं और उन्हें लैब में जांच के लिए भेजा जाना है। इंजेक्शन, ग्लूकोस की बोतल व आंखों में डालने वाली दवाओं सहित अन्य के सैंपल लिए जाएंगे, उसके बाद ही वेयरहाउस से दवाइयां वितरित करने की अनुमति मिलेगी।