संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी की रिहायशी गलियों में दशकों से चल रही डेयरियों को बाहर स्थानांतरित करने की योजना अब साकार होने जा रही है। ब्राह्मण माजरा गांव की लगभग 21 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डेयरी कॉम्प्लेक्स के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के संशोधित प्रस्ताव और जमीन के चयन को अपनी अंतिम स्वीकृति दे दी है।
इस फैसले के बाद अब नगर परिषद और संबंधित विभाग निविदा जारी करने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि वर्क ऑर्डर जारी होते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह परियोजना पिछले कुछ समय से प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों में फंसी हुई थी।
जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) ने जमीन के सीमांकन और लैंड यूज को लेकर आपत्ति जताई थी। विभाग का तर्क था कि चिह्नित भूमि का कुछ हिस्सा सेक्टर-41 के मास्टर प्लान के अंतर्गत आता है। हालांकि, कैबिनेट मंत्री अनिल विज और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इस तकनीकी पेंच को सुलझाया गया। राजस्व रिकॉर्ड और साइट मैप की पुन: जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि निर्धारित 21 एकड़ जमीन पर ही कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।
300 से अधिक डेयरियों को मिलेगी एक छत
इस परियोजना के पूरा होने से छावनी की लगभग 300 से अधिक डेयरियों को एक ही स्थान पर व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे आवासीय क्षेत्रों को गोबर, गंदगी और नालियों के जाम होने की पुरानी समस्या से निजात मिल सकेगी।
कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध होंगी ये आधुनिक सुविधाएं
पशुओं के इलाज और टीकाकरण के लिए नि:शुल्क वेटरनरी अस्पताल की सुविधा उपलब्ध होगी। गोबर के निस्तारण और हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए प्लांट, चारा भंडारण केंद्र, पशुओं के लिए तालाब और विश्राम गृह आदि की सुविधाएं मिलेंगी।
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सीएम ने जमीन से संबंधित अटकलों को दूर कर स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब जल्द निविदा प्रक्रिया शुरु की जाएगी, ताकि निर्माण को गति दी जा सके। इससे पशुपालकों के साथ-साथ छावनी निवासियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। - देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर, अंबाला।