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टेनिस बॉल में रखकर जेल में पहुंचा रहे मोबाइल

Mon, 31 Aug 2015 01:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
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अंबाला सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन पहुंचने व मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने भी जेल के भीतर कैदियों व बंदियों से मोबाइल फोन को बरामद करने के लिए व्यापक अभियान छेड़ रखा है। अब जेल प्रशासन का फोकस इस पर भी सबसे ज्यादा बना हुआ है कि आखिरकार ये मोबाइल जेल में कैसे पहुंच रहे हैं। इसी के चलते जेल प्रशासन की जांच कुछ चौकाने वाले तथ्यों तक पहुंची है। जिसे लेकर जेल प्रशासन के अफसर खासे हैरान है और उन्होंने इस बाबत अंबाला डीसी को पत्र भेजकर उनसे सहयोग करने की गुहार लगाई है।
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बाइक पर चलते हुए जेल में फेंक देते बॉलजेल प्रशासन की जांच में ये बात सामने आई है कि जेल में मोबाइल पहुंचने का एक सिलसिला टैनिस बॉल भी है। सूत्रों के अनुसार जांच में ये सामने आया है कि जेल में बंदियों व कैदियों से परिजनों की मुलाकात के वक्त ही जेल में मोबाइल पहुंचाने की साजिश तैयार हो जाती है। उसके बाद कैदियों व बंदियों के साथी जेल के साथ जेल लैंड की ओर जाने वाली सार्वजनिक सड़क पर बाइक व साइकिल से रात के अंधेरे में गुजरते हैं और टेनिस की बाल में एक मोबाइल व अन्य उपकरण छिपाकर बाहर से ही जेल के भीतर फैंक देते हैं। टैनिस बाल पर बकायदा मैला सा कपड़ा भी चढ़ा दिया जाता है। चूंकि दीवार के पास ही कैदियों व बंदियों की कई बैरकें हैं, बाहर सड़क से सीधे बॉल बैरकों के आसपास बनी घासनुमा कच्ची जमीन पर गिरती है। उधर, सुबह-सुबह कैदी व बंदी व्यायाम इत्यादि के बहाने से बैरकों से बाहर आते हैं और वहां उस बॉल को ढूंढकर उसमें से मोबाइल निकाल लेते हैं।
बैरकों के पास कच्ची जमीन में दबे मिले पांच मोबाइलसूत्रों के अनुसार कैदियों व बंदियों के पास कुछ मोबाइल फोन है। इसकी सूचना जेल प्रशासन को तीन दिन पहले ही लग गई थी। इस बाबत जेल के अधीक्षक एआर बिश्रोई के निर्देशों पर डिप्टी सुपरीटेंडेंट भूपेंद्र सिंह, एलओ कुलबीर सिंह व करनैल सिंह की टीम बनाकर बैरकों की जांच करवाई गई। इस दौरान बैरकों के बिल्कुल साथ लगती कच्ची जमीन की मिट्टी कुछ उबड़-खाबड़ थी। उस पर काफी घास भी बिखरा पड़ा था। टीम को इस पर थोड़ा शक हुआ। उन्होंने जब घास हटाकर जगह को खोदकर देखा तो वहां अलग-अलग जगह पर पांच मोबाइल दबे हुए थे। कैदी बैरक के भीतर से ही हाथ बाहर निकालकर मोबाइल निकालते, बातचीत करते और बैरकों में ही से ही इन्हे जमीन में दबा देते थे।
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मोबाइल में मिली कैदियों की सेल्फीजेल प्रशासन ने इस बाबत शिकायत बलदेव नगर पुलिस को दे दी है। इंस्पेक्टर दिनेश चौहान ने बताया कि इन मोबाइल की जांच की जा रही है। उनमें से कुछ कैदियों की सेल्फी भी मिली है। इस बारे में जेल प्रशासन को अवगत करवा दिया है। एसएचओ के अनुसार इस बारे में केस दर्ज किया जाएगा।
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