लोगों ने सोचा भी नहीं होगा कि उनके परिवार की फोटो भी इंडियन पोस्टल स्टैंप यानी भारतीय डाक टिकट बन सकती। उनकी टिकट लगे खतों को देश-विदेश भेजा जा सकेगा। लेकिन अब ऐसा होने जा रहा है। डाक विभाग के हरियाणा सर्कल ने माई स्टैंप स्कीम तैयार की है। योजना के समक्ष तीन मकसद हैं। पहला मकसद लोगों का रुझान डाक टिकट संग्रह की ओर बढ़ाना है। दूसरा मकसद लोगों को अपने परिवार के लिए यादगार पल देना और तीसरा खास मकसद है बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सार्थक करना। योजना में परिवार ही नहीं, कोई भी व्यक्ति अपने बेटी के साथ भी फोटो खिंचवाकर उसे डाक टिकट बनवा सकता है।
छह जिलों में शुरू की योजनाफिलहाल यह योजना डाक विभाग के हरियाणा सर्कल के छह जिलों में शुरू की है। इन जिलों में अंबाला, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, करनाल, गुड़गांव व पानीपत शामिल हैं। इन सभी जिलों के मुख्य डाकघरों में इस योजना का लाभग्राहकों को मिल सकेगा। डाक विभाग का दावा है कि यदि इन छह जिलों से इस योजना का रिस्पांस अच्छा मिला तो अन्य सभी जिलों में इस योजना को शुरू कर दिया जाएगा।
इस तरह आपकी फोटो बनेगी डाक टिकटकल न जाने कैसे होंगे, कहां होंगे घर के लोग, आंखों में एक बार घर समेट लूं। इन पक्तियों को अपनी इस योजना के प्रचार का आधार बनाकर डाक विभाग माई स्टैंप योजना को लागू कर रहा है। दरअसल इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपनी बेटी, बेटे, पत्नी, मां-बाप, भाई-बहन या फिर पूरे परिवार के साथ संबंधित डाकघर में आएगा। यहां व्यक्ति से एक छोटी सी फीस ली जाएगी। उस फीस के एवज में व्यक्ति की अपने परिजनों या परिवार के साथ फोटो खींची जाएगी। उसके बाद उस फोटो को डाक टिकट के रूप में प्रिंट किया जाएगा। जिन्हें विभिन्न शहरों में डाक काउंटरों पर बेचा जाएगा। कुछ डाक टिकटें बाकायदा संबंधित व्यक्ति को भी दी जाएंगी। डाक विभाग ने इस योजना में एक और सुविधा भी दी है। यदि कोई व्यक्ति अपनी सेल्फी को भी डाक टिकट बनवाना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है।
माई स्टैंप योजना को हरियाणा में लांच किया जा रहा है। अभी योजना सिर्फ छह जिलों में लागू होगी। बाद में योजना का दायरा बढ़ाने पर विचार होगा। लोग अपनी बेटियों के साथ फोटो खिंचवाकर उसे डाक टिकट बनवाएं। अपने पूरे परिवार की फोटो को भी डाक टिकट बनवाया जा सकता है।-कर्नल सुखदेव राज, चीफ पोस्टमास्टर जनरल, हरियाणा