संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। दौसा राजस्थान से अपहरण किए गए नाबालिग की गुत्थी उलझती जा रही है क्योंकि वह बार-बार बयान बदल रहा है। ऐसे में मामले की सच्चाई को लेकर अब जीआरपी काउंसलर की मदद लेने की तैयारी कर रही है ताकि मामले से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सके, वहीं अपहरणकर्ता दिल्ली निवासी आशु को शुक्रवार कोर्ट में पेश किया गया और उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है ताकि अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सके।
अमृतसर तक पहुंची टीम : अपहरण के मामले को सुलझाने के लिए जीआरपी की टीम आरोपी आशु को लेकर अमृतसर रवाना हुई थी। यहां उसके बताए गए कई ठिकानों पर दबिश दी गई, वहीं स्वर्ण मंदिर के सेवादारों से भी आरोपी के बारे में पूछताछ की गई और सीसीटीवी फुटेज देखी गई। इसमें आरोपी कई बार स्वर्ण मंदिर में सेवा करते हुए नजर आया था, लेकिन यहां उसके अन्य सहयोगियों के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी।
11 साल की उम्र में निकला घर से : अपहरण के मामले में पकड़े गए आशु का परिवार दिल्ली में रहता है। मां घरेलू महिला है और पिता श्रमिक का काम करते हैं। वो 11 साल की उम्र में घर से भाग गया था। कुछ समय तक होटलों में काम करता रहा। इसके बाद उसे कोई व्यक्ति अपने घर ले गया, फिर उसने एक फैक्ट्री में भी काम किया। कुछ समय से वो स्वर्ण मंदिर में सेवा कर रहा था।
यह था मामला : दौसा में रहने वाले 11 वर्षीय बच्चे ने बताया कि 16 सितंबर को वह स्कूल की कॉपी लेने के लिए घर से निकला था। इस दौरान उसके मुंह पर कपड़ा डालकर बेहोश कर दिया गया। इस दौरान एक वैन में उसे घुमाया गया, वहीं एक लड़का व लड़की भी आरोपी आशु के साथ नजर आए। फिर उसे एक रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बैठाकर तीनों आरोपी लाए। जब वह अंबाला स्टेशन पर पहुंचे तो अन्य दो आरोपी गायब हो गए और आशु घबरा गया। इसके बाद जब वो मौके से भागने लगा तो पुलिस ने उसे काबू कर लिया।