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मंत्री और अभिभावकों में तनातनी, पुलिस ने खदेड़ा

Fri, 02 Sep 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
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अभिभावकों से बातचीत करते एसीपी सुरेश कौशिक - फोटो : amar ujala
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कान्वेंट ऑफ सेक्रेड हार्ट स्कूल को हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस के मसले पर वीरवार को स्कूल प्रबंधन ने छात्रों के अभिभावकों को विवाद के पटाक्षेप के लिए आगे कर दिया है। इसी के चलते स्कूल स्टाफ विद्यार्थियों के अभिभावकों को बसों में भरकर मंत्री अनिल विज के आवास पर ले गया और वहां मंत्री पर इस विवाद के पटाक्षेप के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया।
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लेकिन उस वक्त अभिभावकों और मंत्री अनिल विज में तनातनी हो गई, जिसके चलते मंत्री ने अभिभावकों को आवास से बाहर किए जाने के निर्देश दिए। पुलिस ने इन निर्देशों के चलते अपना दुखड़ा लेकर आए अभिभावकों को स्कूल से बाहर कर दिया, जबकि स्कूल का स्टाफ पहले से ही मंत्री के आवास के बाहर ही खड़ा था। इस तनातनी के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण रहा जिसके चलते मंत्री की कोठी पर खासी पुलिस फोर्स बुलवानी पड़ी। अभिभावक मंत्री की कोठी के बाहर ही विरोधस्वरूप खड़े रहे। लेकिन पुलिस ने उन्हें मंत्री की कोठी से दूर कर दिया। काफी देर तक वहां खड़ा रहने के बाद अभिभावक और स्कूल स्टाफ वापस लौट गया। इस दौरान एसीपी सुरेश कौशिक को भी मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने भड़के अभिभावकों और स्टाफ को समझाया और अंतत: वापस लौटने की सलाह दी।

ये है विवाद
कान्वेंट ऑफ सेक्रेड हार्ट का ये विवाद कई सालों से हरियाणा शिक्षा विभाग में विचाराधीन है। दरअसल, हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस स्कूल को नोटिस जारी कर मान्यता रद्द किए जाने बारे में संबंधी जवाब तलब किया हुआ है। विभाग ने इस बाबत चल रही विभिन्न जांच के आधार पर स्कूल को नोटिस दिया है कि वे शिक्षा नियमावली की उल्लंघना करते हुए एक ही परिसर में दो स्कूल में चला रहे हैं। जोकि अनुचित है।
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उल्लेखनीय है संबंधित परिसर में पहले पूरा ही बीडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल था। मगर संबंधित मैनेजमेंट कमेटी ने बीडी सीनियर सेकेंडरी के परिसर के ही आधे हिस्से में कान्वेंट ऑफ सेक्रेड हार्ट स्कूल खोल दिया। इस दौरान वहीं कमरे इस्तेमाल किए गए, जो पहले बीडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कक्षाओं के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।

इसी के चलते हरियाणा शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी कर उन्हें चेतावनी दी है कि क्यों न उनके स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाए? क्योंकि कान्वेंट ऑफ सेक्रेड हार्ट स्कूल के पास अपना अलग से कोई भवन मौजूद नहीं है।

अब अभिभावक बने विवाद का हिस्सा
स्कूल के इसी विवाद का हिस्सा वीरवार को स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों के अभिभावक भी बन गए। अभिभावकों ने बताया कि उन्हें पिछले कुछेक दिनों से लगातार स्कूल की शिक्षकों द्वारा स्कूल में एमजेंसी बैठक के लिए बुलवाया जा रहा था और उनसे आग्रह किया जा रहा था कि सभी ने मिलकर मंत्री अनिल विज के पास जाना है और वहां जाकर उनसे गुहार लगानी है कि स्कूल के धोबीघाट के पास बनी जमीन पर बिल्डिंग बनवाना चाहता है, लेकिन नगर निगम इस बाबत उनका नक्शा पास नहीं कर रही है। अभिभावकों के अनुसार इसी के चलते वे सभी लोग वीरवार सुबह स्कूल में एकत्रित हुए और स्कूल बसों व अपने निजी वाहनों तक मंत्री अनिल विज की कोठी पर पहुंचे, लेकिन वहां मंत्री और अभिभावकों की तनातनी हो गई।

इसलिए हुई मंत्री, अभिभावकों में नोकझोंक
संबंधित स्कूल की प्राचार्या आर मान का कहना है कि स्कूल ने अपना नया भवन बनाने की पूरी तैयारी की हुई है। नक्शा संबंधी फीस भी जमा है, लेकिन उसके बावजूद भी नगर निगम की ओर से उनके भवन का नक्शा पास नहीं किया जा रहा है। प्राचार्या का कहना है कि स्कूल का सभी रिकॉर्ड पूरी तरह से दुरुस्त है और दस्तावेजों में भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, लेकिन फिर भी समझ नहीं आ रहा कि प्रशासन स्कूल को नक्शा पास कर भवन बनाने की अनुमति क्यों नहीं दे रहा है?

खैर, इसी मसले को लेकर वीरवार को जैसे ही परिजन मंत्री अनिल विज की कॉलोनी शास्त्री कॉलोनी पहुंचे तो वहां पुलिस ने अभिभाव
कों, शिक्षक और नॉन टीचिंग स्टाफ की भीड़ को मंत्री की कोठी से दूर ही रोक लिया। पुलिस ने कुछ ही लोगों को मंत्री के पास जाने को कहा। इस पर स्कूल स्टाफ तो पीछे ही रहा, लेकिन कुछ अभिभावक कोठी में मंत्री से मिलने भीतर भेजे गए। अभिभावकों ने मंत्री से बातचीत की और उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा।

लेकिन मंत्री विज ने अभिभावकों की बात सुनकर उनसे कहा कि स्कूल का ये विवाद उनके संज्ञान में है, लेकिन उनकी जानकारी के मुताबिक स्कूल संबंधी विवाद कोर्ट में भी पेडिंग चल रहा है। मंत्री ने अभिभावकों से कहा कि जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, तब तक वे अफसर और सरकार इस मसले में कुछ नहीं कर पाएगी। मंत्री की ये बात सुनकर, वहां मौजूद कुछेक अभिभावक तपाक से बोले, 'आप क्यों नहीं स्कूल के लिए कुछ कर सकते? भला हमने आपको वोट देकर जितवाया हैÓ
बस, अभिभावकों के बातचीत का यह लहजा देखकर मंत्री अनिल विज भड़क गए। उन्होंने उनका ज्ञापन वापस लौटाते हुए कहा कि वे अपना विवाद कोर्ट में ही निपटाएं। ये कहते हुए उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को घर से बाहर ले जाने के निर्देश दिए। बस, फिर क्या था सुरक्षाकर्मियों ने मंत्री के घर के भीतर से अभिभावकों को बाहर की ओर खदेड़ दिया और बाहर खड़े सभी अन्य अभिभावक और स्टाफ को मंत्री की कोठी से दूर भेज दिया। विरोध स्वरूप अभिभावक समेत टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ मंत्री के घर के बाहर खड़ा रहा और स्थिति तनावपूर्ण रही। पुलिस की अच्छी खासी फोर्स भी मंत्री के आवास को घेरे रखा। काफी देर खड़े रहने के बाद पहले अभिभावक और फिर स्टाफ भी मायूस ही वापस लौट गया।

जवाब मिलने के बाद होगी कार्रवाई : डीईओ
इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा का कहना है कि संबंधित स्कूल को हरियाणा शिक्षा निदेशालय की ओर से नोटिस जारी किया हुआ है और स्कूल नियमानुसार इस नोटिस का जवाब निदेशालय को भेजेगा। जवाब मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। 

कोर्ट के आदेशों तक कुछ नहीं कर सकती सरकार : विज
उधर, मंत्री विज का कहना है कि अभिभावकों की बातचीत पूरी तरह से सुनी गई थी। उनको समझाया गया था कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए सरकार कोर्ट के आदेशों तक कुछ नहीं कर सकती।
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