नारायणगढ़ में कर्ज वसूलने के लिए किए जा रहे तकाजे से परेशान होकर एक व्यक्ति ने सुसाइड कर लिया।
मारे गए व्यक्ति के सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने मृतक के पुत्र की शिकायत पर तीन व्यक्तियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को लगभग साढ़े तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-73 पर शव रख प्रदर्शन किया। इस बीच शाहबाद-पंचकूला हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। एसीपी के आश्वासन के बाद जाम लोगों और परिजनों ने जाम खोला।
शहजादपुर थाना क्षेत्र के गांव धमौली माजरी के सुरेंद्र ने सोमवार देर रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था। तबीयत बिगड़ने पर उसके परिजन उसे अंबाला ले गए, जहां एक निजी अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
सुरेंद्र के बैग से परिजनों को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें सुरेंद्र ने गांव कड़ासन के राजिंद्र सैनी और दो अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। सुसाइड नोट में सुरेंद्र ने लिखा है कि उसने राजिंद्र सैनी से कर्ज लिया था।
उसने मूल राशि से लगभग चार गुणा राशि दे दी है, लेकिन फिर भी उससे ऋण की राशि वापस करने का बार-बार तकाजा किया जा रहा है।
जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। सुरेंद्र की मौत और सुसाइड नोट पढ़ने के बाद उसके परिजन और ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने अंबाला से शव लाकर गांव धमौली माजरी के नजदीक एनएच-73 शाहबाद-पंचकूला मार्ग को अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी ने मांग की कि सुरेंद्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। लगभग तीन घंटे बाद एसीपी सुरेश कौशिक ने मौके पर पहुंच मृतक के परिजनों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
थाना प्रभारी शहजादपुर ने बताया कि सुरेंद्र के बेटे आशीष के बयान पर कड़ासन वासी राजेंद्र सैनी और दो अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306/34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है॥