संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नगर निगम मेयर सैलजा संदीप सचदेवा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर अनधिकृत कॉलोनी में विकास कार्य करवाने के लिए नियम नीति बनाने की मांग की। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य में भाजपा की सरकार है और इस दौरान सरकार के न चाहने के बावजूद भी भू-माफिया ने हरियाणा के विभिन्न शहरों में मनमर्जी से अनधिकृत काॅलोनियां काट दी और उन में प्लाटों को बेच दिया और अब उन प्लाटों की रजिस्ट्री होने के बाद लोग उसमें रह रहे हैं। सरकार के लाख चाहने के बावजूद भी रोज अंबाला में अनधिकृत काॅलोनियां चाहे वह रिहायशी हो या कॉमर्शियल वह बढ़ती जा रही है। इस सबके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी भी जांच होकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कितनी कॉलोनी अनधिकृत हैं, निगम के पास कोई रिकॉर्ड नहीं
मेयर ने कहा कि अंबाला नगर निगम में कितनी अनधिकृत काॅलोनियां 1 सितंबर तक हैं। कितनी और बन रही हैं, इसका कोई भी रिकॉर्ड नगर निगम अंबाला में उपलब्ध नहीं है, क्योंकि इस विषय पर लगभग दो-तीन महीने से पत्र लिखने के बावजूद मौखिक पूछने के बावजूद भी नगर निगम के किसी भी अधिकारी ने कोई जवाब संतोषजनक उनको नहीं दिया जाता।
अनधिकृत कॉलोनी में प्लाट कटने के बाद हो रही रजिस्ट्री
मेयर ने पत्र में बताया कि इन सभी अनधिकृत कॉलोनी में जब प्लॉट कटते हैं तो रजिस्ट्री हो जाती हैं। कहीं और की आईडी उठाकर इन प्लांट को दिखाकर नकली एनडीसी जारी होकर उनकी रजिस्ट्री धड़ल्ले से हो रही है तो फिर इन गरीब मध्यम वर्ग की और निम्न मध्यमवर्गी परिवारों के लोगों का क्या कसूर है, जब इन कॉलोनी में सड़क बनाने, स्ट्रीट लाइट लगाने की बारी आती है तो पोर्टल पर यह काॅलोनियां अनधिकृत हो जाती है, अन्यथा इन कॉलोनी में लोगों की रजिस्ट्री भी हो गई और मकान भी बन गए। यही नहीं बिजली के कनेक्शन भी हो गए। पीने का पानी भी इनको मिल जाता है तो फिर इनके साथ सड़क स्ट्रीट लाइट और सीवरेज को लेकर यह भेदभाव क्यों है। इन अनधिकृत कॉलोनी में गलत तरीके से गलियां नालियां बन जाती है। जिससे सरकार को आर्थिक हानि होती है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।