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Ambala News: करोड़ों की कोठी, निकासी न सफाई

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अंबाला सिटी। सेक्टरों में करोड़ों रुपये की कोठी बनाने के बाद भी सेक्टरवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। करीब 30 वर्षों के बाद भी लोग बरसाती पानी निकासी व सीवरेज की सफाई जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सेक्टरों में खाली पड़े निजी प्लाट और सरकारी जमीन भी जी का जंजाल बन गई है। इन खाली जगहों पर सरकंडे व गंदगी जमा है।
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यह प्लाट गहरे भी हैं और कई प्लाट में जलभराव हो रखा है। इससे करोड़ों रुपये की कोठी में सीलन से परेशानी बढ़ रही है। सेक्टर में दो हजार से ज्यादा घर हैं। सेक्टर में पीने के पानी व सीवरेज की सफाई का कार्य हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास है। अमर उजाला ने सेक्टर-10 में ग्राउंड रिपोर्ट की। इसमें कई समस्याएं निकलकर सामने आई।
पहले इनहांसमेंट ने तोड़ी कमर, अब दो विभागों के बीच पीस रहे : सेक्टर-10 में खाली प्लाट बड़ी समस्या बन रहे हैं। कई घर भी असुरक्षित हालत में पड़े हैं। साथ ही शिक्षा विभाग का राजकीय प्राथमिक स्कूल का भवन भी जर्जर हो गया है। सेक्टर-10 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान कमल सिंगला ने बताया कि 1990 से पहले से सेक्टर बना है।
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सेक्टरवासियों की पहले तो इनहांसमेंट ने कमर तोड़ कर रख दी। लोगों को अपनी जमीन-गहने बेचकर इनहांसमेंट भरनी पड़ी। अब सीवरेज व बरसाती पानी जैसी कई समस्याएं लोगों को परेशान कर रही हैं।
सामुदायिक भवन की भी उन्होंने सफाई करवाई है। इस तरफ निगम का कोई ध्यान नहीं है। समस्या यह हो गई है कि निगम के पास बरसाती पानी व एचएसवीपी के पास सीवरेज की सफाई व पीने के पानी का जिम्मा है।
ऐसे में दोनों विभागों के बीच सेक्टरवासी पीसकर रह गए हैं। यह विभाग एक-दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी डाल देते हैं। सेक्टर के सीवरेज बंद पड़े हैं। इनको कर्मचारी मैनुअल तरीके से साफ करते हैं, मगर पूरी तरह सफाई नहीं होती। इसका खामियाजा लोगों को बरसातों में भुगतना पड़ता है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। उपायुक्त ने बीते दिनों बैठक ली थी, उन्होंने अपनी समस्याएं के बारे में बताया है।
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