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Ambala News: महमूदपुर के सरपंच वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पर निलंबित

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अंबाला। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने महमूदपुर गांव के सरपंच राहुल सैनी को मंगलवार को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51 के तहत की गई है। सरपंच पर वित्तीय कदाचार और पंचायत कोष के दुरुपयोग के आरोप हैं। सरपंच की शिकायत 27 मार्च को प्रदीप प्रकाश ने की थी। जिसकी जांच के बाद कई अनियमितताएं सामने आईं।
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शिकायत में मुख्य रूप से सरपंच राहुल पर बिना अनुमति के गांव में एक चौकीदार नियुक्त करने और उस पर 55,000 रुपये खर्च करके पंचायत फंड का दुरुपयोग करने का आरोप है। उन्होंने सरकारी नर्सरी के बजाय बाजार से अधिक दरों पर पौधे खरीदे, जिससे पंचायत को 1,64,450 रुपये का अतिरिक्त वित्तीय नुकसान हुआ। इसके साथ ही गोगा माड़ी का स्वागत द्वार के काम पर 1,53,400 रुपये खर्च किए, जबकि वास्तविक लागत 93,656 रुपये थी। जिससे पंचायत को 59,744 का नुकसान होने के आरोप लगे थे। सरपंच की व्यक्तिगत सुनवाई के बाद आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया। जांच के दौरान सरपंच अपने पक्ष में कोई सबूत पेश नहीं कर सके। राहुल जजपा की बीसी सेल के हलका अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।



यह भी लगाए थे आरोप

शिकायतकर्ता ने सरपंच पर ओपन जिम के निर्माण पर 5,67,846 रुपये खर्च किए गए, जबकि इसका अनुमानित खर्च 3,78,780 रुपये था। इससे 1,89,066 का अतिरिक्त खर्च हुए। इसी प्रकार कलाकृति के काम पर 10,85,977 रुपये खर्च किए गए, जबकि वास्तविक लागत 10,15,154 रुपये थी, जिससे पंचायत को 70,823 का नुकसान होने के भी आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद, सरपंच राहुल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने अपना जवाब दिया और सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने यह शिकायत आपसी रंजिश के कारण की है।
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एसडीएम कैंट को सौंपी गई थी जांच

उपायुक्त ने मामले की नियमित जांच के आदेश दिए हैं और एसडीएम अंबाला छावनी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। सरपंच राहुल को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है और उन्हें ग्राम पंचायत की किसी भी कार्यवाही या बैठक में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्हें पंचायत की सभी चल-अचल संपत्ति और रिकॉर्ड तुरंत बहुमत वाले पंच को सौंपने का भी निर्देश दिया गया है। सरपंच को जांच अधिकारी को आदेश मिलने के 10 दिनों के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है ।
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