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Ambala News: महामंडलेश्वर पर लगे सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10.50 लाख रुपये व गहने हड़पने के आरोप

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महामंडलेश्वर आनंद गिरी
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नारायणगढ़। कालाआम्ब में एक महामंडलेश्वर पर महिला के बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10.50 लाख की धोखाधड़ी व गहने उतरवाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी ने खुद को मानवाधिकार सुरक्षा संघ का संस्थापक बताकर एक महिला को पहले संस्था का अध्यक्ष बनाया। झांसे में लेने के बाद बेटे को केंद्र सरकार में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर लगवाने के नाम पर रुपये हड़प लिए।
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महिला की तहरीर पर नारायणगढ़ थाना पुलिस ने आरोपी महामंडलेश्वर आनंद गिरी उर्फ आनंद पंडित व उनके सहयोगी पर प्राथमिकी दर्ज की। यह कार्रवाई आपराधिक विश्वासघात की धारा 316(2), धोखाधड़ी 318(4),जालसाजी और जाली दस्तावेज बनाना 338, 336(3) व फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने की धारा 340(2) और आपराधिक साजिश 61(2) के तहत हुई।

पीड़िता बोली कि रक्तदान शिविर में आए थे गुरु जी

काला आम्ब की शिवालिक कॉलोनी निवासी सुनीता रानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पति का देहांत हो चुका है। अपने तीन बच्चों के साथ रहती हूं। सितंबर 2024 में उनकी मुलाकात योगी आनंद गिरी से हुई। दिसंबर 2025 में कालाआम्ब के एक मंदिर में आयोजित रक्तदान शिविर में आनंद गिरी को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। यहां योगी आनंद गिरी व उनके शिष्य ने झांसा दिया कि केंद्र सरकार में उनकी पहुंच है और वह उनके छोटे बेटे ऋषभ को बिना परीक्षा के सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। नौकरी के नाम पर आरोपियों ने पहले 50 हजार रुपये शगुन के तौर पर लिए इसके बाद 29 दिसंबर 2025 को 5 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के जरिये लिए गए। आर्थिक अपराधा शाखा के जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई।
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गाजियाबाद बुलाने के बाद थमाया था जाली ऑफर लेटर

पीड़िता का आरोप है कि 16 जनवरी को आरोपियों ने गाजियाबाद के एक फ्लैट में ऋषभ को बुलाकर एक बंद लिफाफे में फर्जी ऑफर लेटर थमा दिया। इसके बाद दोबारा 5 लाख रुपये व मांगे गए, जो सुनीता ने अपने बड़े बेटे की कंपनी के मालिक से उधार लेकर दिए। 16 मार्च को नियुक्ति का झांसा देकर पीड़िता व उसके बेटे को दिल्ली बुलाया गया। वहां कई घंटों तक गाड़ी में घुमाने के बाद आरोपी बेटे को एक होटल में छोड़कर भाग गए। विरोध किया तो आनंद गिरी व साथी मनीष मिश्रा ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया व व्हाट्सएप ग्रुप में उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि आनंद गिरी का आधार कार्ड भी फर्जी था।

महिला की तहरीर पर महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी महाराज और उसके सहयोगी पर प्राथमिकी दर्ज कर गहनता से जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- इंस्पेक्टर ललित, थाना प्रभारी नारायणगढ़ थाना
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