अंबाला सिटी। सिटी के नागरिक अस्पताल परिसर में नशा मुक्ति केंद्र के सामने मेडिकल एयर सिस्टम मशीन लावारिस हालत में पड़ी है। इसका एक बार भी प्रयोग नहीं हुआ है। इस पर मौजूद पैकिंग रैप भी अभी तक नहीं उतरी है। यहां स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी हो या अधिकारी किसी को पता ही नहीं है कि यह मशीन किसकी है। यहां तक कि मशीन के पास नागरिक अस्पताल की एक लॉउंड्री भी है। जब यहां के कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने इसके बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
क्या काम करता है मेडिकल एयर सिस्टम
मेडिकल एयर सिस्टम मशीन लाखों रुपये की बताई जा रही है। मशीन आईसीयू में वेंटिलेटर पर उपचार के लिए कई प्रकार की गैस पाइप लाइनों से मिक्स कर के गुजारी जाती है। इसमें ऑक्सीजन, कार्बनडाइऑक्साइड, मेडिकल एयर व नाइट्रोजन आदि शामिल होती हैं। मेडिकल एयर प्राप्त करने के लिए इस मशीन का प्रयोग किया जाता है। मेडिकल एयर एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस होती है। इस मशीन से मेडिकल एयर को मरीज काे दिया जाता है। इसमें कंप्रेशर आदि लगा होता है।
विभागों को जानकारी नहीं
इस मामले को लेकर जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पास में ही 200 से 300 बेड का अस्पताल बन रहा है। यह मशीन पीडब्ल्यूडी की होगी। स्वास्थ्य विभाग की यह मशीन नहीं है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी 200 बेड के अस्पताल का सिविल वर्क ही पूरा नहीं हुआ तो हम इलेक्ट्रिक वर्क कैसे करा सकते हैं। अभी तक हमने कोई मशीन नहीं मंगाई है।
सीधी बात : लॉउंड्री कर्मचारी
रिपोर्टर : यह मशीन किसकी है और इसका प्रयोग कहां होना है।
कर्मचारी : हमें जानकारी नहीं है, यह तो सात से आठ महीनों से ऐसी ही पड़ी हुई है।
रिपोर्टर : इस मशीन को कौन रखकर गया था, क्या कोई कहकर भी गया था कि ध्यान रखना।
कर्मचारी : नहीं, मशीन हमारे सामने नहीं रखी गई। हमें तो रखी मिली थी। हमें किसी ने मशीन के बारे में कुछ नहीं बताया है।
रिपोर्टर : यह मशीन चलती भी है या खराब है
कर्मचारी : नई मशीन है, अभी तक पैकिंग भी नहीं हटी है।
रिपोर्टर : यहां से कोई मशीन के कलपुर्जे चुरा कर ले गया तो।
कर्मचारी : यहां नागरिक अस्पताल में सभी तरह के लोगों का आना-जाना रहता है। कुछ सामान इस मशीन में से निकाला गया है। अब जिसकी मशीन है वही देखेगा, हम कुछ नहीं कह सकते हैं।
रिपोर्टर : ऐसे खुले में मशीन पड़ी है, बारिश में खराब नहीं होगी
कर्मचारी : खुले में तो कोई भी चीज खराब हो जाए, जिसने रखी यह बात तो उसे सोचनी चाहिए थी।
यह मशीन हमारी नहीं है, यह शायद नए अस्पताल के लिए आई होगी। आपको इस संबंध में लोक निर्माण विभाग से ही जानकारी मिल सकती है। -कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला
200 बेड के अस्पताल के लिए इलेक्ट्रिकल का काम शुरू नहीं किया है। इस मशीन के संबंध में हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। -नवीन कुमार राठी, इलेक्ट्रिकल विंग, लोकनिर्माण विभाग