समलेहड़ी गांव के खेत में महज करीब तीन फीट की ऊंचाई से गुजर रही एलटी व घटनास्थल पर पड़ी मृतक मनप
अंबाला। समलहेड़ी में भले ही बिजली के तारों से करंट लगने से माैत का ये पहला मामला हो, लेकिन खेत में तारों के हालात देखें तो चाैंका देने वाले हालात थे। एलटी तारों को पहुंच से कम से कम 15 फीट की ऊंचाई पर रखा जाता है वो किसानों के सिर पर मंडरा रही हैं। यह ठीक खेतों के बीच से होकर गुजर रही है।
हालात ये होते हैं कि अगर किसानों को जुताई करनी हो तो खेतों के जंपर तोड़ने पड़ते हैं या फिर बताकर बिजली बंद करानी पड़ी है। यहां तक कि ट्रांसफार्मरों पर किसानों की ओर से अपने स्तर पर इस एलटी की बिजली बंद करने तक की व्यवस्था नहीं है, जिससे कि काम करते हुए या आपात स्थिति में इससे बंद कर सकें। यहां तक कि इन तारों के नीचे से ट्रैक्टर तक नहीं ले जा सकते।
दरअसल, इन तारों को ट्यूबवेल चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में किसानों के सिर पर यह मौत बनकर मंडराती है। हालांकि कई बार इसके लिए किसान आवाज भी उठा चुके हैं। बावजूद इसके किसी भी कर्मचारी और अधिकारी ने इस ओर ध्यान देना तक उचित नहीं समझा। जबकि यह बिजली निगम की जिम्मेदारी बनती है कि वो इन बिजली के तारों को निर्धारित ऊंचाई पर रखे।
फसल जलने का भी रहता है खतरा
समलहेड़ी गांव में एलटी लेन का एक खंभा दूसरे से काफी दूरी पर है। स्थिति यह है कि यह कुछ खेतों से बीच से काफी डाउन हो जाती है। यह डाउन होती हुई एक जगह पर महज ढाई से तीन फीट तक चली जाती है। इन लटकी तारों से गेहूं की फसल में भी आग लगने का खतरा बना रहता है।
वर्जन
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। किसी के खेतों में इतनी नीचे से एलटी गुजर रही है। इसकी भी जानकारी नहीं है। आलाधिकारियों के संज्ञान में मामला डालकर इसका जल्द समाधान निकाला जाएगा।
सतबीर, एसडीओ, औद्योगिक क्षेत्र, सब डिविजन, बिजली निगम