फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत: पार्सल ट्रेनों से सामान भेजने वाले व्यापारियों का जुर्माना शुल्क माफ

विज्ञापन
विज्ञापन
आवश्यक सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने सामान और पार्सल भेजने वाले व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई पहल की है। सामान व पार्सल भेजने या रख-रखाव के दौरान लगने वाले जुर्माना शुल्क को पूर्णरूप से बंद कर दिया गया है। 3 मई तक यह आदेश मान्य रहेंगे। बता दें कि सभी ट्रेनें इस अवधि तक बंद हैं परंतु मंडल रेल प्रबंधक गुरिंदर मोहन सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर रेलवे का अंबाला मंडल माल ढुलाई और विशेष पार्सल सेवाओं का काम निर्बाध रूप से कर रहा है ताकि देश भर में खाद्यान्न, पेट्रोलियम, चिकित्सा और चिकित्सा उपकरणों आदि जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकें।
विज्ञापन

व्यापारियों को मिलेगी विशेष छूट : लॉकडाउन अवधि में सोशल डिस्टेंसिंग के कारण न्यूनतम मजदूरों से ही लोडिंग/अनलोडिंग का कार्य करवाना पड़ रहा है। इससे मानक तय समय से अधिक समय लग सकता है। यह चार्ज माल ग्राहकों पर देय हो जाते हैं। इससे माल संचालन प्रभावित हो सकता है जबकि इस लॉक डाउन अवधि के दौरान आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए सुचारू और अबाध फ्रेट संचालन सुनिश्चित करना रेलवे का मुख्य लक्ष्य है।
7 प्रकार का वसूला जाता है शुल्क : सामान भेजने वाले व लेने वाले व्यापारियों से रेलवे द्वारा लगभग 7 प्रकार का जुर्माना शुल्क के रूप में वसूला जाता है। वाणिज्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें विलंब - शुल्क, स्थान शुल्क, स्टैकिंग शुल्क, स्टेब्लिंग प्रभार, पार्सल सेवाओं पर विलंब और स्थान शुल्क, कंटेनर ट्रैफिक के मामले में अवरोध शुल्क और कंटेनर ट्रैफिक के मामले में भू उपयोग आदि शामिल हैं।
विज्ञापन

माल भेजने वाले ग्राहकों को कई विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि वह अधिक से अधिक जरूरी सामान की लोडिंग करवा सकें। इसी कड़ी में एक बार फिर माल ग्राहकों को सुविधा देते हुए लॉकडाउन अवधि के लिए जुर्माना शुल्कों को लागू नहीं करने का निर्णय लिया गया है, यह सुविधा 3 मई तक मिलेगी।
विज्ञापन

हरि मोहन, वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारी अंबाला मंडल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें