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अप्रैल से भी कम रहा मई में पारा, शुद्ध आबोहवा ने गर्मी से उबारा

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अंबाला। कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण जिले में ज्यादातर फैक्ट्रियां और उद्योग-धंधे लगभग बंद पड़े हैं। नतीजतन जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स सुधरा हुआ है। इसी का असर है कि आधा मई बीतने के बाद यहां की हवाएं शुद्ध होने के साथ-साथ जिले का अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी अप्रैल माह से कम ही चल रहा है। ऐसे में जनता को शुद्ध आबोहवा के साथ गर्मी से भी राहत मिल रही है।
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जहां एक ओर कोरोना से हर तरफ त्राहिमाम की स्थिति है। जिले में मई में औसतन रोजाना 10 लोगों की जान कोरोना से जा रही है वहीं तापमान में गिरावट से लोगों को राहत भी मिली है। इसी दौरान लॉकडाउन से जहरीली हो चुकी आबोहवा शुद्ध हो गई है। इतना ही नहीं हवाएं शुद्ध होने के साथ-साथ जिले का अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी अप्रैल माह से कम ही चल रहा है। बता दें कि 29 अप्रैल को 40.06 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था लेकिन मई में पारा 38 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। यही कारण है कि आधी मई बीत जाने के बावजूद ज्यादातर घरों में एसी अभी बंद हैं। प्रथम और द्वितीय तलों पर रहने वाली जनता बेशक थोड़ी बहुत देर एसी यह कूलर चला ले लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर रहने वालों को अभी पंखे ही ठंडी हवाएं देने के लिए पर्याप्त हैं।
दरअसल इस दौरान कामकाज बंद होने के साथ ज्यादातर स्थानों पर निर्माण कार्य भी बंद पड़े हैं। गेहूं की फसल कटने के बाद अब किसान खेतों में जीरी लगाने की तैयार कर रहे हैं। इतना ही नहीं जीरी की कटाई के बाद इस बार किसानों ने फानों को आग भी हर साल के मुकाबले बेहद कम लगाई है। इसी का परिणाम है कि जिले में आबोहवा शुद्ध होने से अस्थमा रोगियों के अलावा एलर्जी की समस्या से जूझ रहे मरीजों को राहत का अनुभव हो रहा है।
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निश्चित तौर पर इस बार अभी तक एलर्जी और अस्थमा की शिकायत लेकर बहुत कम बच्चों के अभिभावक आए हैं। एयर क्वालिटी अच्छी हो तो निश्चित तौर पर इसका लाभ मिलता है। मई माह में गर्मी अभी तक सामान्य से कम है। वैसे तो कोरोना के चलते कम मरीज आ रहे हैं लेकिन जो आते हैं उनमें भी सीजनल बीमारी वाले मरीज कम हैं।
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डॉ. शुभ ज्योति बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।
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