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कोरोना को मात देने के बाद ब्लैक फंगस का शिकार हुआ 45 वर्षीय व्यक्ति

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अंबाला। कोरोना की दूसरी लहर के बीच गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृह क्षेत्र में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है। अंबाला के प्राइवेट अस्पताल से रेफर हुए इस मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि चंडीगढ़ के पीजीआई में हुई है।
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शहजादपुर निवासी 45 वर्षीय अश्वनी ने दो दिन पहले ही छावनी नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कोरोना को तो मात दे दी लेकिन घर लौटने के बाद शुक्रवार सुबह सोकर उठा तो एक आंख से दिखना ही बंद हो गया। अंबाला शहर के लीलावती अस्पताल में लाने के बाद जब जरूरी टेस्ट यानी एमआरआई हुआ तो उसमें संदिग्ध ब्लैक फंगस पाया गया।
पीजीआई में टेस्ट हुए तो वहां के डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि करते हुए मरीज की एक आंख को खतरा बताया है। शनिवार देर रात तक मरीज का ऑपरेशन ही नहीं हुआ था। बताया जाता है कि अश्वनी पंचकूला के हुडा विभाग में कार्यरत हैं। पहली मई को वह संक्रमित पाया गया था और उपचार के लिए छावनी नागरिक अस्पताल में 13 मई तक दाखिल रहे। बाद में उनकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी।
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शहजादपुर निवासी सुशील गौड ने बताया कि वह अपने जीजा अश्वनी को पीजीआई लाए थे। यहां टेस्ट के बाद ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। बताया कि आंख के ऑपरेशन का सामान मंगवा लिया गया था लेकिन शनिवार शाम करीब 6 बजे कोरोना संक्रमित होने की बात बोलकर ऑपरेशन टाल दिया गया। परिजन भी हैरान थे कि दो दिन पहले उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वह दोबारा कैसे संक्रमित हो गए। सुशील का कहना था कि आंख में सूजन बढ़ती जा रही है और केवल टीकों व दवाइयों का ही सहारा है।
उधर, लीलावती प्राइवेट अस्पताल के डॉ. रजत माथुर ने बताया कि शुक्रवार अश्वनी नामक मरीज आया था। एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा था। किसी प्राइवेट अस्पताल के बाद यहां पहुंचे थे। देखते ही ब्लैक फंगस के लक्षण थे और सीटी स्कैन व एमआरआई दोनों करवाए थे। उनके जाने के बाद रिपोर्ट आई तो फोन पर उन्हें तुरंत पीजीआई जाने के लिए बोल दिया। उपचार के लिए ईएनटी, आंखों व अन्य विशेषज्ञों की जरूरत होती है इसलिए रेफर किया गया। सीएमओ की तरफ से शनिवार को निर्देश मिले हैं कि इस तरह का कोई मरीज आता है तो उन्हें जानकारी दें। वैसे मैंने नोडल अधिकारी डॉ. सुखप्रीत के संज्ञान में मामला डाल दिया है।
उधर, कोविड-19 अंबाला के रिपोर्टिंग अधिकारी डॉ. सुखप्रीत ने बताया कि शनिवार को सुबह ही हमारे संज्ञान में मामला आ गया था। अंबाला के मरीज को ब्लैक फंगस की पुष्टि पीजीआई में हुई है।
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