अंबाला। बोतलों से बारकोड हटाकर ड्राई स्टेट गुजरात व बिहार में शराब तस्करी कोई नई नहीं है।
खासकर पंजाब के अमृतसर से शराब की तस्करी का कारोबार पहले भी सामने आया है। लंबे समय से यह धंधा फल-फूल रहा है। इस तस्करी को अंजाम देने वालों को तस्करी का पैटर्न भी लगभग एक जैसा ही है।
अंबाला से मिली 450 पेटी शराब के मामले में काबू आरोपियों ने नया खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उनकी तस्करी का रहस्य सामने आया हो। इससे पहले गुजरात और हरियाणा के हिसार में भी शराब की खेप पकड़ी जा चुकी है।
पूछताछ में सामने आया है कि आशीष से करीब पांच माह पहले ही भारी मात्रा में शराब पकड़ी गई थी। जबकि चार माह पहले ही गुजरात से भी इसी गिरोह की शराब की खेप पकड़ी गई थी। उस समय भी बिना बारकोड की बोतलें बरामद हुई थी। तब भी इस मामले को सुलझाना पुलिस के चुनौती बन गया था। जेल से छूटने के बाद दोबारा आरोपियों ने तस्करों से मिलकर यह काम शुरू कर दिया।
एसआईटी कर रही जांच : दरअसल, शराब तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। जो मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है। बता दें कि 31 मार्च को सदर थाना पुलिस ने कैंटर में धान के भूसे के कट्टों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही शराब का भंडाफोड़ किया था।
मौके पर जींद निवासी आशीष को काबू किया था। पूछताछ में दो ओर आरोपी हिसार निवासी अजय व रोहतक निवासी संजय को काबू किया था।