अंबाला। सलेमपुर गांव में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन संत धीरजदास महाराज की अगुवाई में हुआ। इस मौके पर निराकारी जागृति मिशन के चेयरमैन एवं महामंडलेश्वर एडवोकेट सतगुरु स्वामी ज्ञान नाथ महाराज उपस्थित रहे। उन्होंने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान और ध्यान ही अध्यात्म का सार और मोक्ष का आधार है।
उन्होंने आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ध्यान केवल आंखें बंद करना नहीं, बल्कि शरीर और मन से परे जाकर नाद, नूर और निराकार के प्रति जागना है। सम्मेलन में संत निर्मल दास (कपालमोचन) और संत मंदीप दास (सिरसगढ़) ने सत्संग, सेवा और सिमरण को मनुष्य जीवन के सुधार के लिए अनिवार्य बताया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश से संत सुंदरानंद, संत जैनदास हितकारी, संत रामसिंह व अन्य महापुरुषों ने भी प्रवचनों से संगत को निहाल किया। कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरवण सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने संतों को शाल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अंबाला के सलेमपुर गांव में आयोजित संत सम्मेलन में मौजूद संगत। प्रवक्ता