13 फरवरी से पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर किसानों का आंदोलन जारी है। किसान धरने पर डटे हैं। बुधवार को पंजाब-हरियाणा की किसान यूनियन नेताओं ने एमएसपी, पेंशन, तीनों कृषि कानूनों सहित अन्य मांगों के लिए संबोधित किया। सुबह से शाम तक मंच पर संबोधन किया। महिलाएं भी आंदोलन में भाग लेने के लिए पहुंची।
पंजाब-हरियाणा किसान यूनियनों ने शंभू सीमा पर आठ मार्च को महिला दिवस मनाने का निर्णय लिया। आठ मार्च को दोपहर 12 से शाम चार बजे तक महिलाएं ही मंच संचालन करेंगी और किसानों को संबोधित करेंगी। यही नहीं आने वाली 10 मार्च को देशभर में रेल रोकने के लिए अभियान तेज किया जा रहा है। बुधवार को आंदोलन में स्थिति शांतिपूर्ण रही। आसपास के गांवों के लोग व महिलाएं भी आंदोलन में पहुंची।
बारिश और ओलावृष्टि के बाद दो दिन से ठंड हो रही है, लेकिन बुधवार को दिन में मौसम में गर्मी रही। जिसका असर देखने को मिल रहा है। शंभू सीमा पर लंगर में चाय के लिए गांवों से लाया जाने वाला दूध खराब न हो, इसके लिए किसानों ने फ्रीज लगाने शुरू कर दिए हैं।
मोहाली के जगपुरा गांव के किसान ने बताया कि उनका करीब दो क्विंटल दूध खराब हो चुका है, इसलिए वह गांव से फ्रिज लेकर आए, जिससे कि दूध खराब न हो और किसानों को चाय पिलाने के दौरान कोई दिक्कत न आए।
रास्ते खुलने से लोगों को राहत
अंबाला-हिसार बॉयपास, शहर से पंजाब को जाने वाला अंबाला-घनौर रोड, अंबाला-चंडीगढ़ रोड खुलने से लोगों को राहत मिली है। अब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाली सड़कों पर जाम की स्थिति भी नहीं हैं। 13 फरवरी से पहले इन सड़कों को प्रशासन ने बंद किया था। अब रास्ते खुलने से लोगों को राहत मिली है, हालांकि अभी अंबाला-राजपुरा रोड बंद है। यहां शंभू सीमा पर 13 फरवरी से किसान आंदोलन पर है।
किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक की तरफ से बुधवार की कॉल दी गई थी। पंजाब के अलग-अलग जगहों से किसान दिल्ली कूच के लिए बुधवार सुबह से निकले हुए हैं। अब देखेंगे कि सरकार क्या रुख अपनाएगी, किसानों को दिल्ली जाने दिया जाएगा या नहीं। आठ मार्च को महिला दिवस मनाया जाएगा और 10 मार्च को देशभर में रेल रोकने की अपील की गई है।
-मनजीत सिंह घुमाणा, राष्ट्रीय प्रधान, भारतीय किसान मजदूर यूनियन पंजाब।
शंभू सीमा पर आठ मार्च को महिला दिवस मनाया जाएगा और उनके नेता 10 मार्च को रेल रोको पर चर्चा कर रहे हैं। जैसे ही उनके निर्देश होंगे, आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
-गुरमीत सिंह माजरी, जिला प्रधान, भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह।