संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। त्योहारी सीजन को लेकर भले ही दमकल विभाग की तरफ से कमर कसने का दावा किया जा रहा है लेकिन कैंट के दमकल विभाग की बात करें तो संकरे बाजार को लेकर विभाग के अधूरे इंतजाम देखने को मिल रहे हैं। विभाग के पास तीन मिनी गाड़ियां थी।
इन गाड़ियों में से महज एक ही गाड़ी बची है। जबकि एक कंडम हो चुकी है तो दूसरी गवर्नर ड्यूटी के दौरान विगत माह पहले हादसे का शिकार हो गई थी। हैरान की बात यह है कि अभी तक इन गाड़ियों की जगह नई गाड़ियां नहीं पहुंची न ही क्षतिग्रस्त गाड़ी को ठीक करवाने के लिए किसी अधिकारी ने जरूरी समझा।
अब संकरे बाजारों में आग बुझाने की बात करें तो इसके लिए महज एक मिनी गाड़ी व दो बुलेट ही बच गई है। जबकि कैंट फायर स्टेशन के बाद बराड़ा से सीमा तक का एरिया है। ऐसे में दर्जनों गांव व कॉलोनियों में कोई आगजनी होती है तो उसमें ज्यादा नुकसान होने का संकट मंडरा रहा है।हर आगजनी के दौरान अतिक्रमण बनता है बांधा, ज्यादा होने वाली मिनी गाड़ियां : अक्सर देखा जाता है कि त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में अतिक्रमण अपने पैर पसार लेता है। दुकानदार खुद अपने दुकान की सीमा से कई-कई फीट बाहर तक सामान लगा लेते हैं। ऐसे में त्योहार का मौका होने के कारण नगर परिषद की तरफ से भी नरमी बरती जाती है। यही कारण है कि कोई आगजनी की घटना हो जाती है तो दमकल विभाग की बड़ी गाड़ियां फंस जाता है। दमकल विभाग के पास छोटी-बड़ी 12 गाड़ियां हैं, इनमें से 11 बड़ी गाड़ियां है और एक मिनी गाड़ी। यह गाड़ियां 2, 4, 8, 12 हजार लीटर तक पानी वाली है। कैंट के सदर बाजार के अलावा कच्चा बाजार, मोची मंडी, दीना की मंडी सहित दर्जनभर कॉलोनियों में भी संकरे रास्ते हैं।