ईंट-पत्थर मार कर गांव धनाना वासी बुजुर्ग राजपाल की हत्या करने के दोषी महिपाल को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार जुर्माने को न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा है। पिछले साल नवंबर में पुरानी रंजिश के कारण अंजाम दी गई इस घटना में सेशन जज कमल कांत की कोर्ट ने फैसला सुनाया। गिरफ्तारी के बाद से जमानत न होने के कारण वह न्यायिक हिरासत में है। फैसले के बाद उसे वापस सेंट्रल जेल भेज दिया गया। शहजादपुर थाने में दर्ज हत्या के केस नंबर 220 में करीब 14 लोगों ने गवाही दी। इनमें परिवार के सदस्य, प्रत्यक्षदर्शी, पुलिस, डाक्टर व अन्य शामिल हैं। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह अन्य बंदियों के साथ लाने के बाद बक्शीखाने में बंद किया गया। दोपहर कोर्ट में सजा अवधि पर अभियोजन व बचाव पक्ष की अपील सुनने के बाद उम्रकैद सुनाई गई।
12वीं में पढ़ने वाले मृतक के भतीजे संदीप के बयानों के अनुसार उसके पिता मेहर सिंह चार भाई हैं। राजपाल भी उनके साथ रहते हैं। ताया केहर अलग रहते हैं। चाचा हुसैन की मौत हो चुकी है। 30 नवंबर की रात करीब साढ़े दस बजे पता चला कि महीपाल चाचा राजपाल को गुगामाड़ी के पास ईंट-पत्थरों से मार रहा है। चचेरे भाई मनीष के साथ मौके पर पहुंचे संदीप ने देखा कि राजपाल नीचे गिरा है। महिलाल उसके सिर, चेहरे व अन्य हिस्सों पर चोट पहुंचा रहा है। परिवार को देख वह मौके से भाग गया। लहूलुहान राजपाल को शहजादपुर सीएचसी ले गए। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह चोटें आई थी। घटना के कुछ समय बाद दोषी को गिरफ्तार कर लिया था।